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विवि में शुरू होंगी सांस्कृतिक गतिविधियां
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 06 Jan 2016 09:26 PM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सांस्कृतियों गतिविधियों की परंपरा एक बार फिर शुरू करने की कवायद शुरू की गई है। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय की पत्रिका, कैलेंडर और डायरी भी छपेगी। उर्दू विभाग के प्रोफेसर एए फातमी की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय सांस्कृतिक समिति गठित की गई है। कमेटी की एक-दो दिनों में बैठक होगी, जिसमें आयोजनों की रूप-रेखा तैयार की जाएगी।
विश्वविद्यालय में ड्रामा, मुशायरा, कव्वाली, साहित्यिक गोष्ठियां, वाद-विवाद, पेंटिंग प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम आयोजित होते रहे, लेकिन विगत कई वर्षों से यह परंपरा टूट गई है। इसे फिर से शुरू करने के लिए लगातार मांग उठती रही। इस बाबत दो वर्ष पहले भी कमेटी के गठन की कोशिश की गई, लेकिन आदेश जारी नहीं हो पाया। हालांकि, अब कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू के निर्देश पर कमेटी गठित कर दी गई है। हिन्दी विभाग के डॉ.सूर्य नारायण सिंह कन्वेनर होंगे। इनके अलावा मध्यकालीन इतिहास के प्रोफेसर ललित जोशी, प्रोफेसर हेरंब चतुर्वेदी, हिन्दी के प्रोफेसर मुश्ताक अली, फाइन आर्ट्स के प्रोफेसर अजय जैतली, अरबी-फारसी की प्रोफेसर सलेहा राशीद, अंग्रेजी के प्रोफेसर एसडी रॉय और जंतु विज्ञान विभाग की प्रोफेसर अनीता गोपेश कमेटी में शामिल की गई हैं।
समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर एए फातमी का कहना है कि सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर लंबे समय से शून्यता है। उसे दूर किया जाएगा। एक-दो दिन में बैठक कर रूप-रेखा तैयार की जाएगी। इन कार्यक्रमों माध्यम से ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राओं को जोड़ने और उनकी प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराने की कोशिश होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान सत्र में भी कई कार्यक्रम कराए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय में ड्रामा, मुशायरा, कव्वाली, साहित्यिक गोष्ठियां, वाद-विवाद, पेंटिंग प्रतियोगिता आदि कार्यक्रम आयोजित होते रहे, लेकिन विगत कई वर्षों से यह परंपरा टूट गई है। इसे फिर से शुरू करने के लिए लगातार मांग उठती रही। इस बाबत दो वर्ष पहले भी कमेटी के गठन की कोशिश की गई, लेकिन आदेश जारी नहीं हो पाया। हालांकि, अब कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू के निर्देश पर कमेटी गठित कर दी गई है। हिन्दी विभाग के डॉ.सूर्य नारायण सिंह कन्वेनर होंगे। इनके अलावा मध्यकालीन इतिहास के प्रोफेसर ललित जोशी, प्रोफेसर हेरंब चतुर्वेदी, हिन्दी के प्रोफेसर मुश्ताक अली, फाइन आर्ट्स के प्रोफेसर अजय जैतली, अरबी-फारसी की प्रोफेसर सलेहा राशीद, अंग्रेजी के प्रोफेसर एसडी रॉय और जंतु विज्ञान विभाग की प्रोफेसर अनीता गोपेश कमेटी में शामिल की गई हैं।
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समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर एए फातमी का कहना है कि सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर लंबे समय से शून्यता है। उसे दूर किया जाएगा। एक-दो दिन में बैठक कर रूप-रेखा तैयार की जाएगी। इन कार्यक्रमों माध्यम से ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राओं को जोड़ने और उनकी प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराने की कोशिश होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान सत्र में भी कई कार्यक्रम कराए जाएंगे।
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