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केन, बेतवा में थमा पानी, तो गंगा यमुना ने भी दी राहत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 02 Aug 2015 11:39 PM IST
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मध्य प्रदेश में केन व बेतवा जैसी नदियों में पानी क्या हुआ, गंगा यमुना ने शहरियों को राहत दे दी है। गंगा यमुना के जलस्तर में कमी का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रहा। हालांकि जलस्तर में कमी की गति थोड़ी धीमी है। केंद्रीय जल आयोग व सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड अधिकारियों के मुताबिक रविवार को गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 80.240 मीटर, छतनाग में 79.260 मीटर व यमुना का जलस्तर नैनी में 79.930 मीटर दर्ज किया गया।
सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चौबीस घंटे के भीतर गंगा के जलस्तर में 86 सेमी और यमुना के जलस्तर में 78 सेमी की कमी आयी है। दोनों नदियों का जलस्तर कम होने से कछारी इलाकों में बसे शहरियों के साथ साथ सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि विभागीय अधिकारियों को दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का डर लगातार सता रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार का कहना है कि यदि मध्य प्रदेश और उत्तराखंड व पश्चिमी यूपी में भारी बारिश होती है तो नदियों का जलस्तर तेजी से कभी भी बढ़ सकता है। लिहाजा बाढ़ से निपटने को लेकर किसी भी प्रकार की तैयारियाें में शिथिलता नहीं बरती जा रही है। अधिशासी अभियंता का कहना है कि कंट्रोल रूम व बख्शी बांध पर कर्मचारियों की तैनाती पहले से ही है। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
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सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चौबीस घंटे के भीतर गंगा के जलस्तर में 86 सेमी और यमुना के जलस्तर में 78 सेमी की कमी आयी है। दोनों नदियों का जलस्तर कम होने से कछारी इलाकों में बसे शहरियों के साथ साथ सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि विभागीय अधिकारियों को दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का डर लगातार सता रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार का कहना है कि यदि मध्य प्रदेश और उत्तराखंड व पश्चिमी यूपी में भारी बारिश होती है तो नदियों का जलस्तर तेजी से कभी भी बढ़ सकता है। लिहाजा बाढ़ से निपटने को लेकर किसी भी प्रकार की तैयारियाें में शिथिलता नहीं बरती जा रही है। अधिशासी अभियंता का कहना है कि कंट्रोल रूम व बख्शी बांध पर कर्मचारियों की तैनाती पहले से ही है। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
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