फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   allahabad news

दस नामजद और दो सौ अज्ञात पर एफआईआर

Fri, 27 Nov 2015 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 27 Nov 2015 12:01 AM IST
विज्ञापन
allahabad news
सलोरी में बुधवार रात हुए बवाल के मामले में कर्नलगंज थाने में उपद्रवी छात्रों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखा गया है। इसमें दस छात्रों को नामजद करते हुए करीब दो सौ अज्ञात प्रतियोगी छात्रों पर बलवा, मारपीट, तोड़फोड़, सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति क्षति करने की एफआईआर लिखी गई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि जेल भेजे गए छात्रों का रिमांड इस मुकदमे में हासिल किया जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो उन्हें जेल से जल्द रिहाई मिलनी मुश्किल हो जाएगी। मगर फिलहाल पुलिस उन पर कोई नरमी करने के मूड में नहीं दिख रही है।
विज्ञापन


बुधवार के बवाल में ईश्वर शरण चौकी प्रभारी शरद गुप्ता की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में जनपद देवरिया के उदयप्रकाश, आजमगढ़ के करन चौहान, राहुल यादव, प्रतापगढ़ के हर्षवर्धन पांडेय, दारागंज इलाहाबाद के आशुतोष शुक्ला उर्फ गगन शुक्ला, मऊ जनपद के शिवचरन यादव, सोनभद्र के आदित्य कुमार, करन कुमार, सुल्तानपुर के शुभम दुबे, अमेठी के सरफराज अंसारी को नामजद और 200 अज्ञात प्रतियोगी छात्रों के खिलाफ बलवा, मारपीट, पथराव, तोड़फोड़, सरकारी कर्मचारी पर हमले, सड़क जाम, गालीगलौज, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। मुकदमे में 14 धाराएं लगी हैं।
विज्ञापन


 एफआईआर में लिखा है कि उपद्रवी छात्रों के पथराव में सीओ कर्नलगंज वीरेंद्र कुमार, सिापही विनोद कुमार मौर्य, रामेश्वर साहू, भोला सिंह, देवेंद्र सिंह, विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी आजाद सिंह, ईश्वर शरण चौकी प्रभारी शरद गुप्ता, खुल्दाबाद थाने के सिपाही सुरेश कुमार को चोट पहुंची। जानकारों के मुताबिक, एफआईआर में ऐसा विवरण दिया गया है जिसके जरिए पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ एनएसए (रासुका) भी लगा सकती है। एफआईआर में लोकशांति भंग होने और जनता में भय व्याप्त होने का जिक्र किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कभी बघाड़ा तो कभी सलोरी या अल्लापुर में किराएदारी के चक्कर में मकान मालिक और छात्रों के बीच होने वाले झगड़े और बवाल पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने कवायद शुरू कर दी है। एसपी सिटी राजेश यादव ने बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय पार्षद राजीव शुक्ला के साथ तमाम लॉजों में जाकर मकान मालिकों और किराए पर ठहरे छात्रों से बात की। छात्रों में आठ सौ रुपये से सीधे तीन हजार रुपये किराया करने पर भारी गुस्सा दिखा। एसपी सिटी ने बताया कि मकान और लॉज मालिकों को निर्देश दिया जा रहा है कि वे किराया एक निश्चित अंतराल पर इस तरह से बढाएं कि किराए पर रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को भारी न लगे। साथ ही हर किराएदार का पूरा पता और एक फोटो सहित प्रोफार्मा भरकर पुलिस चौकी में उपलब्द करना सुनिश्चित करें ताकि पुलिस किराए पर टिके छात्रों के बारे में जांच कर सके। इससे यह भी पता चलेगा कि वह वास्तव में छात्र है या कोई अपराधी आकर टिक गया है। यह भी चेतावनी दी जा रही है कि मकान और लॉज बनाकर कही दूसरे जिले में रहने वाले मालिक यहां कोई केयरटेकर जरूर रखें। इस बारे में सलोरी में एक समन्वय समिति भी जल्द गठित की जाएगी। सलोरी के बाद दूसरे इलाकों में भी ऐसी समिति बनेगी। उधर, जनवादी छत्र सभा के अध्यक्ष सुनील यादव ने भी छात्रों-लॉज मालिक में होने वाले किराएदारी के विवाद को सुलझाने पर जोर दिया है।

छात्रों के बवाल में काफी बौखलाए पुलिसवालों ने रात में उपद्रवियों को खदेड़ने के बाद तलाशी और गिरफ्तारी अभियान चलाया। पुलिस और पीएसी ने सलोरी समेत आसपास के मुहल्लों में दर्जनों लॉज के दरवाजे तोड़कर छात्रों को पकड़ा। उन्हें बाहर खींचकर लठियाया भी। हालांकि कुछ छात्रों को पुलिस ने बेकसूर समझ छोड़ भी दिया। रात भर मकानों और लॉज की सीढ़ियां चढ़कर दरवाजे तोड़ने में पुलिसवाले काफी थक गए। बृहस्पतिवार दोपहर एक सीओ तो कुर्सी पर बैठकर सिपाही से हाथ को दबवाते दिखे।


 उनका कहना था कि दरवाजे तोड़ने में हाथ में काफी दर्द हो गया है। उधर, पूर्व छात्र नेता और अधिवक्ता विजय द्विवेदी ने छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इस प्रकरण की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस ने संयम दिखाते हुए छात्रों को समझाने की कोशिश की होती तो यह बवाल टल सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed