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गड़बड़ी करने वाले कुलपति होंगे बाहर
Updated Sun, 06 Sep 2015 01:14 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शनिवार को आए राज्यपाल रामनाईक ने गड़बड़ी करने वाले कुलपतियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले सम्मानित किए जाएंगे, लेकिन गड़बड़ी करने वाले बख्शे भी नहीं जाएंगे। उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसका उन्हें अधिकार भी है।
राज्यपाल ने मुक्त विश्वविद्यालय की कार्यशैली की तारीफ की लेकिन प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जाहिर की। उन्हाेंने कहा कि एक कुलपति को उन्हें निलंबित करना पड़ा। राज्यपाल ने बताया कि इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश दे दिया था, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने उनके आदेश को सही माना। इस आदेश का हवाला देते हुए उन्होंने कुलपतियों को अच्छा काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि लोगों और छात्र-छात्राओं की भलाई के लिए जरूरी है कि संस्थानों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने भारतीय परिवेश में मुक्त विश्वविद्यालयों की उपयोगिता बताई। कहा कि 70 फीसदी आबादी गांवों में रहती है।
ज्यादातर के पास इतना पैसा नहीं है कि वे शहर में रहकर पढ़ाई कर सकें। उनके लिए दूरस्थ शिक्षा अधिक उपयोगी है। कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों में हुईं गोष्ठियों, कार्यशाला आदि में प्रस्तुत शोधपत्रों को नौ पुस्तकों में समाहित किया गया है। संयोजक डॉ.जीके द्विवेदी ने शनिवार को ‘दूरस्थ शिक्षा’ पर शुरू दो दिनी गोष्ठी पर प्रकाश डाला।
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इससे पहले राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के याज्ञवल्क्य ग्रंथालय के भवन और गार्गी सभागार का उद्घाटन किया। साथ ही गोष्ठी की स्मारिका और ग्रीन सोशल वर्क पुस्तिका का विमोचन भी किया। राज्यपाल ने ग्रीन कैंपस क्लीन कैंपस योजना के तहत पौधरोपण किया। आयोजन सचिव डॉ.श्रुति ने अतिथियों का स्वागत किया। कुलसचिव धर्मेंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने धन्यवाद तथा डॉ.हरिश चंद्र जायसवाल ने संचालन किया। इस मौके पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर आरपी मिश्रा, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर पृथ्वीश नाग, न्यायमूर्ति एमके मित्तल, डॉ.रत्नाकर शुक्ला, मंडलायुक्त राजन शुक्ला, आईजी बीबी शर्मा आदि मौजूद रहे।
राज्यपाल रामनाईक ने कार्टून पर किसी तरह की रोक को गलत बताया। महाराष्ट्र में कार्टून बनाने वालों पर राजद्रोह के तहत कार्रवाई की बाबत सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि कार्टून पत्रकारिता का अंग है। यह स्थितियों को सही रूप में रखे जाने का एक माध्यम है। मेरे ऊपर भी कार्टून बन चुके हैं। इस पर रोक उचित नहीं है, लेकिन कार्टून की भी एक मर्यादा होनी चाहिए। उसका पालन सभी को करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में अब ऑनलाइन कोर्सेज शुरू करने की तैयारी है। लाइब्रेरी और सभागार के उद्घाटन के मौके पर आयोजित समारोह में कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने बताया कि विश्वविद्यालय तकनीकी इस्तेमाल के मामले में काफी आगे बढ़ चुका है। अब मैसिक ओपेन ऑनलाइन कोर्सेज (मूक) की दिशा में बढ़ने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कई देश में इस तरह के कोर्सेज चलाए जा रहे हैं जो सफल भी हैं। यहां भी आईआईटी मुंबई समेत कई संस्थानों में ऑनलाइन कोर्सेज तैयार किए गए हैं। अब क्लासरूम, टाइमटेबुल आदि जरूरी नहीं है। वेबकास्ट, इंटरनेट, चैटिंग आदि पढ़ाई में मददगार हो रहे हैं।
मुक्त विश्वविद्यालय में जल्द ही एक हजार लोगों के बैठने की क्षमता का सभागार बनेगा। शनिवार को गार्गी सभागार के उद्घाटन के मौके पर हाल पूरी तरह से भरा था। इस पर राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में एक हजार क्षमता का सभागार होना चाहिए। इस दौरान उनका चुटिला अंदाज भी लोगों को खूब भाया और जमकर ताली बजी। उन्होंने कहा कि ‘इससे पहले तिलक हाल के उद्घाटन के लिए आया था। अब गार्गी सभागार के उद्घाटन के लिए आया हूं। अब जब एक हजार क्षमता का सभागार बन जाए तो उसके उद्घाटन के लिए भी मुझे ही बुलाना।’ राज्यपाल से पहले कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने भी एक हजार लोगों की क्षमता वाले सभागार की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसके लिए काम शुरू होगा।
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राज्यपाल ने मुक्त विश्वविद्यालय की कार्यशैली की तारीफ की लेकिन प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जाहिर की। उन्हाेंने कहा कि एक कुलपति को उन्हें निलंबित करना पड़ा। राज्यपाल ने बताया कि इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश दे दिया था, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने उनके आदेश को सही माना। इस आदेश का हवाला देते हुए उन्होंने कुलपतियों को अच्छा काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि लोगों और छात्र-छात्राओं की भलाई के लिए जरूरी है कि संस्थानों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने भारतीय परिवेश में मुक्त विश्वविद्यालयों की उपयोगिता बताई। कहा कि 70 फीसदी आबादी गांवों में रहती है।
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ज्यादातर के पास इतना पैसा नहीं है कि वे शहर में रहकर पढ़ाई कर सकें। उनके लिए दूरस्थ शिक्षा अधिक उपयोगी है। कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों में हुईं गोष्ठियों, कार्यशाला आदि में प्रस्तुत शोधपत्रों को नौ पुस्तकों में समाहित किया गया है। संयोजक डॉ.जीके द्विवेदी ने शनिवार को ‘दूरस्थ शिक्षा’ पर शुरू दो दिनी गोष्ठी पर प्रकाश डाला।
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इससे पहले राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के याज्ञवल्क्य ग्रंथालय के भवन और गार्गी सभागार का उद्घाटन किया। साथ ही गोष्ठी की स्मारिका और ग्रीन सोशल वर्क पुस्तिका का विमोचन भी किया। राज्यपाल ने ग्रीन कैंपस क्लीन कैंपस योजना के तहत पौधरोपण किया। आयोजन सचिव डॉ.श्रुति ने अतिथियों का स्वागत किया। कुलसचिव धर्मेंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने धन्यवाद तथा डॉ.हरिश चंद्र जायसवाल ने संचालन किया। इस मौके पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर आरपी मिश्रा, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर पृथ्वीश नाग, न्यायमूर्ति एमके मित्तल, डॉ.रत्नाकर शुक्ला, मंडलायुक्त राजन शुक्ला, आईजी बीबी शर्मा आदि मौजूद रहे।
राज्यपाल रामनाईक ने कार्टून पर किसी तरह की रोक को गलत बताया। महाराष्ट्र में कार्टून बनाने वालों पर राजद्रोह के तहत कार्रवाई की बाबत सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि कार्टून पत्रकारिता का अंग है। यह स्थितियों को सही रूप में रखे जाने का एक माध्यम है। मेरे ऊपर भी कार्टून बन चुके हैं। इस पर रोक उचित नहीं है, लेकिन कार्टून की भी एक मर्यादा होनी चाहिए। उसका पालन सभी को करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में अब ऑनलाइन कोर्सेज शुरू करने की तैयारी है। लाइब्रेरी और सभागार के उद्घाटन के मौके पर आयोजित समारोह में कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने बताया कि विश्वविद्यालय तकनीकी इस्तेमाल के मामले में काफी आगे बढ़ चुका है। अब मैसिक ओपेन ऑनलाइन कोर्सेज (मूक) की दिशा में बढ़ने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कई देश में इस तरह के कोर्सेज चलाए जा रहे हैं जो सफल भी हैं। यहां भी आईआईटी मुंबई समेत कई संस्थानों में ऑनलाइन कोर्सेज तैयार किए गए हैं। अब क्लासरूम, टाइमटेबुल आदि जरूरी नहीं है। वेबकास्ट, इंटरनेट, चैटिंग आदि पढ़ाई में मददगार हो रहे हैं।
मुक्त विश्वविद्यालय में जल्द ही एक हजार लोगों के बैठने की क्षमता का सभागार बनेगा। शनिवार को गार्गी सभागार के उद्घाटन के मौके पर हाल पूरी तरह से भरा था। इस पर राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में एक हजार क्षमता का सभागार होना चाहिए। इस दौरान उनका चुटिला अंदाज भी लोगों को खूब भाया और जमकर ताली बजी। उन्होंने कहा कि ‘इससे पहले तिलक हाल के उद्घाटन के लिए आया था। अब गार्गी सभागार के उद्घाटन के लिए आया हूं। अब जब एक हजार क्षमता का सभागार बन जाए तो उसके उद्घाटन के लिए भी मुझे ही बुलाना।’ राज्यपाल से पहले कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने भी एक हजार लोगों की क्षमता वाले सभागार की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसके लिए काम शुरू होगा।