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Prayagraj News: दहेज हत्या के दोषियों को मिली जमानत
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या में सत्र अदालत से दस साल की कैद व जुर्माने की सजा के खिलाफ अपील को बहस के लिए पेश करने का आदेश दिया है और 29 अक्तूबर 2022 से जेल में बंद सास व ननद की जमानत मंजूर कर ली है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने विद्यावती व नीरज की अर्जी पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बहस की। इनका कहना था कि कन्नौज जिले के बिसुनगढ़ थाना क्षेत्र में लगभग 10 साल पहले एक महिला की तालाब में डूबने से मौत हो गई। मैनपुरी निवासी भाई रामकृष्ण ने दहेज हत्या का मुकदमा लिखवाया और एफआईआर में कहा कि एसिड डालकर मेरी बहन को मारकर तालाब में फेंक दिया। जबकि, पोस्टमार्टम में बताया गया था कि महिला की मौत का कारण तालाब में डूबने से हुई है। महिला के शरीर पर मृत्यु पूर्व की कोई चोट नही पाई गई। ट्रायल कोर्ट ने पति मुकेश, सास विद्यावती, ननद नीरज को 10-10 साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। पति पिछले 9 साल 10 महीने से लगातार जेल में बंद है।
याचियों का कहना है कि घटना के समय वे गांव में मौजूद नही थे। दहेज हत्या आरोप में उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं है। मृतका की शादी के चार साल के बाद भी बच्चे नही थे। इसलिए वह तनाव में रहती थी। गांव के किसी व्यक्ति का बयान नही कराया गया
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यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने विद्यावती व नीरज की अर्जी पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बहस की। इनका कहना था कि कन्नौज जिले के बिसुनगढ़ थाना क्षेत्र में लगभग 10 साल पहले एक महिला की तालाब में डूबने से मौत हो गई। मैनपुरी निवासी भाई रामकृष्ण ने दहेज हत्या का मुकदमा लिखवाया और एफआईआर में कहा कि एसिड डालकर मेरी बहन को मारकर तालाब में फेंक दिया। जबकि, पोस्टमार्टम में बताया गया था कि महिला की मौत का कारण तालाब में डूबने से हुई है। महिला के शरीर पर मृत्यु पूर्व की कोई चोट नही पाई गई। ट्रायल कोर्ट ने पति मुकेश, सास विद्यावती, ननद नीरज को 10-10 साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। पति पिछले 9 साल 10 महीने से लगातार जेल में बंद है।
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याचियों का कहना है कि घटना के समय वे गांव में मौजूद नही थे। दहेज हत्या आरोप में उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं है। मृतका की शादी के चार साल के बाद भी बच्चे नही थे। इसलिए वह तनाव में रहती थी। गांव के किसी व्यक्ति का बयान नही कराया गया
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