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इलाहाबाद हाईकोर्ट : कोई इनाम नहीं है पत्नी को दिया जाने वाला गुजारा भत्ता, फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द
Fri, 10 Feb 2023 10:03 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 10 Feb 2023 10:03 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पारिवारिक मामले का निस्तारण करते हुए एक अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी को दिया जाने वाला गुजारा भत्ता कोई इनाम नहीं है। यह उसे जीवित रहने के लिए प्रदान किया जाता है।
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पारिवारिक मामले का निस्तारण करते हुए एक अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी को दिया जाने वाला गुजारा भत्ता कोई इनाम नहीं है। यह उसे जीवित रहने के लिए प्रदान किया जाता है। कोर्ट ने मामले में फतेहपुर के पारिवारिक न्यायालय द्वारा पुनरीक्षण अर्जी खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया और गुजारा भत्ता दिए जाने का आदेश पारित किया। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने बिटोला/रिंकू की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया।
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मामले में याची प्रतिवादी की पत्नी है। सन 2013 में उसका विवाह हुआ था। लेकिन, शादी के बाद पति सहित परिवार के सदस्यों की ओर से प्रताड़ित किया गया, जिसकी वजह से वह घर छोड़कर चली गई। याची की ओर से कहा गया कि उसके पास आय के स्रोत नहीं हैं। निचली अदालत ने सही फैसला नहीं दिया है। उसे खारिज किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय ने याची के साक्ष्य पर विश्वास न कर त्रुटि की है।
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