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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम व नगर आयुक्त प्रयागराज को किया तलब
Wed, 13 Jul 2022 01:53 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 13 Jul 2022 01:53 AM IST
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को नालों की सफाई में लगे कर्मचारियों को जीवन रक्षक उपकरण आदि मुहैया न कराने तथा नालों की सफाई के बाद सड़क पर पड़े कचरे को हटाने के लिए मशीनों का उपयोग न करने को लेकर जिलाधिकारी प्रयागराज तथा नगर निगम प्रयागराज के नगर आयुक्त को आगामी 25 जुलाई को तलब किया है।
प्रदेश सरकार की तरफ से दाखिल हलफनामे को कोर्ट के सामने बताया गया कि पूरे प्रदेश में नालों की सफाई के लिए प्रदेश सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। कहा गया कि जारी इस निर्देश के अनुसार 20 जून तक समस्त नालों की सफाई कर दी गई है।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान लेकर कायम एक जनहित याचिका पर पारित किया। इस याचिका में नियुक्त न्याय मित्र की तरफ से बताया गया कि अभी भी प्रयागराज में नालों की सफाई के लिए लगे कर्मचारियों को उनकी सुरक्षा के लिए जीवन रक्षक उपकरण नहीं दिए जा रहे हैं। कोर्ट के सामने कुछ फोटोग्राफ भी रखे गए थे। कोर्ट इस जनहित याचिका पर अब 25 जुलाई को सुनवाई करेगी।
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मामले में प्रदेश सरकार ने हलफनामा दाखिल कर पिछली तारीख पर कोर्ट को बताया था कि 20 जून तक प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में सभी नालों की सफाई कर दी जाएगी। इसके साथ ही 24 जून तक सभी 18 मंडलों में इसकी मॉनिटरिंग के लिए टीम गठित कर उसका औचक निरीक्षण किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि कहां काम हुआ है और कहां नहीं हुआ है। जहां काम नहीं हुआ होगा उसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट ने कहा था कि सफाई कर्मचारियों के लिए जो सुरक्षात्मक उपाय करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, उसका अनुपालन किया गया या नहीं। सरकार इसकी जांच कैसे करेगी, इसके लिए क्या उपाय किए गए हैं। इसके बारे में बताना होगा।
कोर्ट ने यह भी पूछा था कि नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों के मानदेय के पुनर्निरीक्षण के लिए क्या उपाय किए गए हैं और सरकार ने इन्हें शिक्षित करने के लिए क्या कदम उठा रही है, इसके बारे में भी जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने मामले में नगर निगम प्रयागराज से भी अगली सुनवाई पर लोगों की शिकायतों के निस्तारण के लिए पोर्टल के संबंध में जानकारी दाखिल करने के लिए कहा था।
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प्रदेश सरकार की तरफ से दाखिल हलफनामे को कोर्ट के सामने बताया गया कि पूरे प्रदेश में नालों की सफाई के लिए प्रदेश सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। कहा गया कि जारी इस निर्देश के अनुसार 20 जून तक समस्त नालों की सफाई कर दी गई है।
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यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान लेकर कायम एक जनहित याचिका पर पारित किया। इस याचिका में नियुक्त न्याय मित्र की तरफ से बताया गया कि अभी भी प्रयागराज में नालों की सफाई के लिए लगे कर्मचारियों को उनकी सुरक्षा के लिए जीवन रक्षक उपकरण नहीं दिए जा रहे हैं। कोर्ट के सामने कुछ फोटोग्राफ भी रखे गए थे। कोर्ट इस जनहित याचिका पर अब 25 जुलाई को सुनवाई करेगी।
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मामले में प्रदेश सरकार ने हलफनामा दाखिल कर पिछली तारीख पर कोर्ट को बताया था कि 20 जून तक प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में सभी नालों की सफाई कर दी जाएगी। इसके साथ ही 24 जून तक सभी 18 मंडलों में इसकी मॉनिटरिंग के लिए टीम गठित कर उसका औचक निरीक्षण किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि कहां काम हुआ है और कहां नहीं हुआ है। जहां काम नहीं हुआ होगा उसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट ने कहा था कि सफाई कर्मचारियों के लिए जो सुरक्षात्मक उपाय करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, उसका अनुपालन किया गया या नहीं। सरकार इसकी जांच कैसे करेगी, इसके लिए क्या उपाय किए गए हैं। इसके बारे में बताना होगा।
कोर्ट ने यह भी पूछा था कि नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों के मानदेय के पुनर्निरीक्षण के लिए क्या उपाय किए गए हैं और सरकार ने इन्हें शिक्षित करने के लिए क्या कदम उठा रही है, इसके बारे में भी जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने मामले में नगर निगम प्रयागराज से भी अगली सुनवाई पर लोगों की शिकायतों के निस्तारण के लिए पोर्टल के संबंध में जानकारी दाखिल करने के लिए कहा था।