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इलाहाबाद हाईकोर्ट : ओप्पो के डायरेक्टर व मैनेजर के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई पर रोक
Fri, 07 Jan 2022 12:31 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 07 Jan 2022 12:31 AM IST
सार
शिकायतकर्ता बसु भाटी ने ग्रेटर नोएडा के थाना नालेज पार्क में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि प्रार्थी ने ओप्पो एफ-11 ब्रांड का मोबाइल जुलाई, 2019 मे खरीदा। यह मोबाइल सितंबर, 2020 मे जेब में ही फट गया।
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओप्पो कंपनी के डायरेक्टर मोहिंदर सिंह मलिक और मैनेजर संजय गोयल के खिलाफ ग्रेटर नोएडा में दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने विपक्षी शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर उनसे याचिका पर जवाब मांगा है।
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शिकायतकर्ता बसु भाटी ने ग्रेटर नोएडा के थाना नालेज पार्क में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि प्रार्थी ने ओप्पो एफ-11 ब्रांड का मोबाइल जुलाई, 2019 मे खरीदा। यह मोबाइल सितंबर, 2020 में जेब में ही फट गया। इससे वह घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया। इसकी सूचना मिलने पर उसकी दादी को हार्टअटैक पड़ा और उनकी मौत हो गई।
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याचिका में सुनवाई के दौरान तर्क दिया गया कि कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजर के खिलाफ कोई केस नहीं बनता। याची को अपनी बात रखने के लिए जिला उपभोक्ता कोर्ट या सिविल कोर्ट में जाना चाहिए था। कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने रवीन्द्र नाथ बाजपेयी केस में कहा है कि कंपनी की गलती के लिए डायरेक्टर और मैनेजर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। जब तक कि उनके खिलाफ व्यक्तिगत लांछन न लगा हो। जस्टिस एमसी त्रिपाठी और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने कहा कि यह पहली नजर में कानून प्रक्रिया के दुरुपयोग का मामला है।
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