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पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, तीस अप्रैल तक ग्राम पंचायत चुनाव कराने का दिया आदेश
Thu, 04 Feb 2021 10:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 04 Feb 2021 10:50 PM IST
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allahabad high court
- फोटो : social media
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि ग्राम पंचायत चुनाव हर हाल में 30 अप्रैल तक करा लिया जाएं ताकि 15 मई तक सभी पंचायतों का गठन किया जा सके। 15 मई तक ही जिला पंचायत सदस्यों और ब्लाक प्रमुखों का चुनाव कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण का कार्य 17 मार्च तक पूरा करने निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने इससे पूर्व मई में चुनाव कराने के निर्वाचन आयोग के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था। विनोद उपाध्याय की याचिका पर न्यायमूर्ति एमएन भांडरी और न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल की पीठ ने यह आदेश दिया है।
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याचिका में कहा गया था कि नियमानुसार 13 जनवरी 21 तक पंचायत चुनाव करा लिए जाने चाहिए थे। किंतु ऐसा नहीं किया गया। जो कि संविधान के अनुच्छेद 243(ई) का उल्लंघन है। चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि 22 जनवरी को मतदाता सूची तैयार हो गई है। 28 जनवरी तक परिसीमन कर लिया गया है। सीटों का आरक्षण राज्य सरकार को करना है, इसलिए चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया जा सका।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
सीटों के आरक्षण का काम पूरा होने के बाद चुनाव कराने में 45 दिन का समय लगेगा। बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के शेड्यूल को मनाने से इंकार कर दिया था। शुक्रवार को इस पर जवाब देने के लिए कहा था। हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग ने जो शेड्यूल दिया है, वह स्वीकार नहीं किया जा सकता है। प्रदेश सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह और अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि कोविड-19 के कारण पंचायत चुनाव समय से कराने की तैयारियों पर असर पड़ा है। कोर्ट ने इस दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि 30 अप्रैल तक ग्राम प्रधानों के चुनाव और 15 मई तक जिला पंचायत सदस्यों व ब्लाक प्रमुखों के चुनाव संपन्न करा लिए जाएं। ताकि पंचायतों का गठन का काम समय से पूरा हो सके।