{"_id":"61eee4a40c9f4820b66ba07f","slug":"allahabad-high-court-even-after-75-years-of-independence-the-roots-of-caste-system-are-deep","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी : आजादी के 75 सालों बाद भी जाति प्रथा की जड़ें गहरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी : आजादी के 75 सालों बाद भी जाति प्रथा की जड़ें गहरी
Mon, 24 Jan 2022 11:10 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 24 Jan 2022 11:10 PM IST
सार
कोर्ट ने कहा लोग अपने को शिक्षित समाज होने का डींग तो हांकते हैं, लेकिन दोहरा जीवन स्तर जी रहे हैं।
विज्ञापन
court
- फोटो : Social Media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंंग के मामलें में जमानत मंजूर करते हुए जाति प्रथा पर तीखी टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी हम जाति प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति बाहर नहीं आ सके हैं।
विज्ञापन
लोग अपने को शिक्षित समाज होने का डींग तो हांकते हैं, लेकिन दोहरा जीवन स्तर जी रहे हैं। यह बातें सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने जेल में बंद ऑनर किलिंग के मामले में सनी सिंह जमानत अर्जी मंजूर करते हुए दिया है।
विज्ञापन
मामले में शिकायतकर्ता का छोटा भाई अनीस कुमार अनुसूचित जाति का था। वह ग्राम पंचायत अधिकारी था। उसकी 15 सितंबर 2021 को दिनदहाडे़ एक षड़यंत्र के तहत लोगों के एक समूह ने हत्या कर दी। उसकी गलती यह थी कि प्रशिक्षण के दौरान उसके साथ प्रशिक्षण कर रही लड़की से उसकी नजदीकी बढ़ गई।
विज्ञापन
बाद में रजामंदी से उसके साथ शादी कर ली। लड़की के घर वाले इससे नाखुश थे। इसलिए उसकी हत्या कर दिए। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि लड़की के नजदीकी और खून का संबंध रखने वाले आरोपियों की जमानत मंजूर हो गई है।
याची का न तो लड़की से कोई संबंध था और न ही उसका अपराध करने में कोई हाथ था। लड़की ने भी अपने बयान में याची के संबंध में कुछ भी नहीं कहा है। कोर्ट उक्त तथ्यों पर विचार करते हुए याची की जमानत मंजूर कर ली।