फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad High Court: District Magistrate rectifies the mistake, High Court withdraws non-bailable warrant

Allahabad High Court : जिलाधिकारी ने गलती सुधारी, हाईकोर्ट ने वापस लिया गैर जमानती वारंट

Sat, 07 May 2022 09:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 07 May 2022 09:54 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को 12 मई को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है और कहा है कि यदि सारे भुगतान नहीं किए गए तो कोर्ट उनके खिलाफ अवमानना आरोप तय कर कार्यवाही करेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने बृजमोहन शर्मा की अवमानना याचिका पर दाखिल अर्जी को निस्तारित करते हुए दिया है।

विज्ञापन
Allahabad High Court: District Magistrate rectifies the mistake, High Court withdraws non-bailable warrant
Prayagraj News : इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम मथुरा नवनीत चहल के खिलाफ  जारी गैर जमानती वारंट वापस ले लिया है। डीएम ने अर्जी देकर गलती सुधारी, साथ ही याची को सभी परिलाभ दिए जाने का आदेश जारी कर हलफनामा दाखिल किया और कहा कि कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का कोई इरादा नहीं था। भ्रमवश आदेश दिया था, जिसे वापस लेकर नया आदेश जारी कर दिया गया है।

विज्ञापन




हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को 12 मई को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है और कहा है कि यदि सारे भुगतान नहीं किए गए तो कोर्ट उनके खिलाफ अवमानना आरोप तय कर कार्यवाही करेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने बृजमोहन शर्मा की अवमानना याचिका पर दाखिल अर्जी को निस्तारित करते हुए दिया है।

विज्ञापन

डीएम को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पेश करने का कोर्ट ने दिया था निर्देश

इससे पहले कोर्ट ने डीएम नवनीत चहल के खिलाफ  गैर जमानती वारंट जारी कर पुलिस अभिरक्षा में उन्हें 12 मई को कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया था। पीठ ने कहा था कि कोर्ट की गरिमा एवं मर्यादा कायम रखने और न्याय व्यवस्था पर जन विश्वास बनाए रखने के लिए कोर्ट आंख बंद किए नहीं रह सकती। डीएम से उम्मीद की जाती है कि उसे इस कानून की बेसिक जानकारी होगी कि आदेश पर रोक नहीं है तो वह लागू रहेगा और प्राधिकारी को उसका पालन करना बाध्यकारी होगा।



इसके बावजूद जिलाधिकारी ने अवज्ञा की। डीएम ने याची को नियमित किए जाने से पहले की सेवा को क्वालीफाइंग सेवा नहीं माना था और कहा था कि वह पेंशन पाने का हकदार नहीं है। हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद करते हुए 1996 से याची को सेवा में मानते हुए पेंशन निर्धारित करने का आदेश दिया था। डीएम ने अनुपालन हलफनामा दाखिल कर कहा कि कोर्ट आदेश की पुनर्विचार अर्जी दी गई हैए उसके तय होने तक याची पेंशन पाने का हकदार नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed