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विवाहिता पुत्री को आश्रित कोटे में नियुक्ति देने पर विचार का हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
Mon, 19 Jul 2021 08:04 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 19 Jul 2021 08:04 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसपी बांदा को पुलिस कांस्टेबल की विवाहिता पुत्री को मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने पर विचार कर निर्णय लेने का एसपी बांदा को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि विवाहिता पुत्री भी परिवार में शामिल है।
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अदालत
- फोटो : file
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसपी बांदा को पुलिस कांस्टेबल की विवाहिता पुत्री को मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने पर विचार कर निर्णय लेने का एसपी बांदा को निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि विवाहिता पुत्री भी परिवार में शामिल है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने पुष्पा देवी की याचिका पर दिया है।
याची अधिवक्ता का कहना था कि याची के पिता पुलिस कांस्टेबल थे। महिला थाने में तैनात थे। सेवाकाल में 22 अप्रैल 20 को उनकी मृत्यु हो गई। याची ने जनवरी 21 में मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने की अर्जी दी है। किंतु कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मंजुल श्रीवास्तव केस के फैसले का हवाला देते हुए याची ने नियुक्ति की मांग की है। कोर्ट ने याची को नये सिरे से दो हफ्ते में अर्जी देने और एसपी बांदा को सकारण दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। संवाद
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याची अधिवक्ता का कहना था कि याची के पिता पुलिस कांस्टेबल थे। महिला थाने में तैनात थे। सेवाकाल में 22 अप्रैल 20 को उनकी मृत्यु हो गई। याची ने जनवरी 21 में मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने की अर्जी दी है। किंतु कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मंजुल श्रीवास्तव केस के फैसले का हवाला देते हुए याची ने नियुक्ति की मांग की है। कोर्ट ने याची को नये सिरे से दो हफ्ते में अर्जी देने और एसपी बांदा को सकारण दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। संवाद
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