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Prayagraj News : बिना टिकट के थे सभी बच्चे, एक ने बोला मसाला फैक्टरी में काम करता हूं, बाकी का रटारटाया जवाब
Wed, 03 Sep 2025 06:00 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 03 Sep 2025 06:00 PM IST
सार
जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो पर सीमांचल एक्सप्रेस से बरामद सभी बच्चों के पास कोई भी टिकट नहीं था। इनमें से एक बच्चे ने कहा कि वह दिल्ली स्थित एक मसाले की फैक्टरी में काम करने जा रहा है।
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ट्रेन में छापेमारी कर रेलवे पुलिस ने बच्चों को बरामद किया।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो पर सीमांचल एक्सप्रेस से बरामद सभी बच्चों के पास कोई भी टिकट नहीं था। इनमें से एक बच्चे ने कहा कि वह दिल्ली स्थित एक मसाले की फैक्टरी में काम करने जा रहा है। उसके पिता नहीं है और घर में सिर्फ मां है। वह गरीब परिवार से हैं। जबकि अन्य बच्चों ने पहले मदरसे और फिर अपनी अलग-अलग बातों से पुलिस और चाइल्ड लाइन टीम को संशय में डाल दिया।
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ट्रेन में छापा मारते ही बच्चों ने रटारटाया जवाब देते हुए कहा कि वह मदरसे में पढ़ने जा रहे हैं। किसी ने पिता, मां, भाई तो किसी ने बच्चे ने चाचा को दूसरे कोच में बैठे होने के बारे में बताकर पुलिस का ध्यान भठकाने का प्रयास किया। लेकिन आसपास के लोगों और टिकट व कोई कागज नहीं होने से पुलिस को यकीन हुआ कि यह मानव तस्करी का मामला है। इसके बाद चाइल्ड टीम ने सभी बच्चों का नाम, पता और मोबाइल नंबर लेकर इनके परिजनों को सूचित किया।
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पता चला कि कुल 15 बच्चों में 5 बालिकाओं की उम्र 18 या तो उससे अधिक है। इसलिए सभी के परिवार से संपर्क कर जीआरपी पुलिस की मदद से छोड़ दिया। वहीं, 10 बच्चों के चाइल्ड लाइन में रखा गया है। इनकी उम्र 10 से 17 वर्ष के बीच है। जांच में यह भी पता चला कि इनमें से चार बच्चों के पिता की मौत हो चुकी है। गरीबी की वजह से यह पंजाब के लुधियाना में कमाने जा रहे हैं। बहरहाल, चाइल्ड लाइन की टीम ने सभी बच्चों के परिवार से संपर्क कर उनको सूचित कर दिया है। चाइल्ड लाइान के मुताबिक, मंगलवार देर-रात या फिर बुधवार तक परिजनों के आने के बाद सभी को सौंप दिया जाएगा।
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