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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

Sat, 21 Nov 2020 08:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 21 Nov 2020 08:59 PM IST
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Aligarh Muslim University professors did not get relief from Allahabad High Court
एएमयू - फोटो : Amar Ujala
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों और कर्मचारियों द्वारा भाजपा विधायक की कार से झंडा उतारवाने और चालक को बंधक बनाकर गालीगलौज करने के आरोपी प्रोफेसर बृजभूषण सिंह सहित 12 प्रॉक्टोरियल व फैकल्टी स्टाफ को राहत देने से इंकार कर दिया है। इनके खिलाफ सीजेएम की अदालत में चल रहे आपराधिक मुकदमे को रद्द करने की मांग में दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। इन सभी पर खरौली के बीजेपी विधायक की पार्टी झंडा लगी कार विवि परिसर में लाने पर ड्राइवर को बंधक बनाने, झंडा उतारने को बाध्य करने व गालीगलौज करने का आरोप है।
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 कोर्ट ने कहा कि यह निर्विवाद तथ्य है कि याचीगण मौके पर मौजूद थे। गाली दी या नहीं, यह केस के विचारण के समय पेश होने वाले साक्ष्यों पर तय होगा। निचली अदालत ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग नहीं किया है। ऐसे में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने प्रोफेसर बृजभूषण सिंह व अन्य की याचिका पर दिया है।
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22 अक्तूबर 19 को शाम चार बजे विधायक दलवीर सिंह के पोते विजय कुमार सिंह को लेने उनका ड्राइवर गुड्डू सिंह विवि परिसर में कार लेकर गया। विधायक का पोता विदेशी भाषा पढ़ रहा है। कार पर बीजेपी का झंडा लगा था। विवि कैंपस में किसी पार्टी का झंडा लगाकर वाहन लाने पर प्रतिबंध है। इसकी वजह से याचियों ने कार रोक ली। झंडा उतारने को विवश किया और गालीगलौज की।
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इसकी एफआईआर सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने याचियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। 23 जनवरी 20 को दाखिल चार्जशीट एवं आपराधिक मुकदमे को रद्द करने की मांग में यह याचिका दायर की गई थी। याचियों का कहना था कि उन्होंने गाली नहीं दी और झंडा लगाकर वाहन परिसर में लाने पर रोक का पालन करा रहे थे। कोई अपराध नहीं किया है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि ट्रायल के अधिकार को रोका नहीं जा सकता। याचिका खारिज कर दी है।
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