उमेश पाल हत्याकांड : तीस बंदी की क्षमता वाले बैरक में अली अहमद को रखा गया है अकेेले, की जा रही सख्त निगरानी
केंद्रीय कारागार नैनी में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को लेकर जेल प्रशासन काफी सतर्क है। उसे अन्य बंदियों से अलग जेल परिसर के एक कोने में बनी तीस बंदियों की क्षमता वाली बैरक में अकेले रखा गया है।
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केंद्रीय कारागार नैनी में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को लेकर जेल प्रशासन काफी सतर्क है। उसे अन्य बंदियों से अलग जेल परिसर के एक कोने में बनी तीस बंदियों की क्षमता वाली बैरक में अकेले रखा गया है। वहीं उसपर निगरानी के लिए चार लंबरदार व दो बंदी रक्षकों की लगाया गया है। अली अहमद के जेल में आने के बाद से ही जेल प्रशासन सुरक्षा को लेकर उसे सभी से अलग अस्थायी कारागार में रखा है।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद जेल प्रशासन और सतर्क होने के साथ ही उसपर निगरानी बढ़ा दी है। जेल में बंद अन्य बंदियों से उसकी मुलाकात पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। पूरी बैरक की चार सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है। बैरक में प्रवेश से लेकर उसके अंदर के पूरे क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरे की जद में रखा गया है। साथ ही बॉडी वार्न कैमरे से लैस बंदी रक्षक की ड्यूटी बैरक के बाहर लगाई गई है।
उसकी बैरक पर निगरानी के लिए कंट्रोल रूप में एक बंदीरक्षक को लगाया गया है। बता दे कि माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद रंगदारी मामले में बीते 30 जुलाई से केंद्रीय कारागार में बंद है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशि कांत सिंह ने बताया कि अली अहमद को जेल में अलग रखा गया है। साथ ही उसकी गतिविधियों में बराबर जेल प्रशासन नजर बनाए हुए है। उसकी अन्य बंदियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। बैरक में चार सीसीटीवी कैमरे के साथ चार लंबरदार, दो बंदीरक्षक व एक बॉडी वार्न कैमरे लैश बंदी रक्षक को लगाया गया है।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद केवल अली मिलने पहुंचे उसके अधिवक्ता
केंद्रीय कारागार में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद से मिलने बीते नौ दिनों में केवल उनके अधिवक्ता पहुंचे है। शुक्रवार को जेल परिसर में उसने मिलने उनके अधिवक्ता पहुंचे। जेल प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे व बंदी रक्षकों के सामने उनकी मुलाकात कराई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशि कांत सिंह ने बताया कि फरवरी में अली अहमद की कुल चार मुलाकात आई थी। शु्क्रवार को अधिवक्ता ने उनसे मुलाकात की थी।
जेल में है कुल छह बाडी वार्न कैमरा लैस बंदी रक्षक
द्रीय कारागर नैनी में कुल छह बाडी वार्न कैमरे से लैस बंदीरक्षक है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशि कांत सिंह ने बताया कि इनकी ड्यूटी हाई सिक्योरिटी सेल के साथ जहां आवश्यकता होती है लगाई जाती है। पूरे जेल परिसर में 61 कैमरे लगे है। अभी कुछ माह पहले ही 24 कैमरे लगाया गया था। पूरे परिसर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है।
उमेश पाल हत्याकांड का साजिशकर्ता सदाकत पर रखी जा रही नजर
राजूपाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल हत्याकांड के साजिशकर्ता सदाकत को बृहस्पतिवार को पुलिस ने जेल में दाखिल कराया। जेल में उसे हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है। साथ ही उसपर विशेष निगरानी भी रखी जा रही है। अन्य बंदियों से अलग उसे एकांत में रखा गया है। हाई सिक्योरिटी बैरक अति संवेदनशील बैरक है। इस पर कश्मीरी, बांग्लादेशी, उग्रवादियों के साथ बड़े अपराधियों को रखा जाता है। सदाकत को भी इसी बैरक में जेल प्रशासन ने रखा है।