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विश्वनाथ मंदिर के पास मांस-मदिरा पर नहीं लगेगी रोक
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 22 Oct 2016 02:31 AM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी के आसपास मांस और मदिरा की बिक्री तथा उपयोग पर रोक लगाने संबंधी जनहित याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। वाराणसी के गौरी शंकर पांडेय की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की।
याची का कहना था कि काशी विश्वनाथ मंदिर एक विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। यहां दुनिया भर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। प्रदेश और अन्य राज्यों में भी तमाम धार्मिक स्थलों पर मांस और मंदिरा के सेवन तथा बिक्री पर रोक है। बताया गया कि मथुरा और मेरठ में धर्म स्थल के पास ऐसी रोक है।
इसी प्रकार से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में धर्मस्थलों के पास मांस और मदिरा की बिक्री और सेवन पर रोक है। मांग की गई कि काशी विश्वनाथ मंदिर के एक किलोमीटर के दायरे में प्रतिबंध लगाया जाए। वाराणसी में बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी आते हैं जो मंदिर के पास मांस और मदिरा का सेवन करते हैं इससे एक धर्म विशेष के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। कोर्ट ने याचिका आधार हीन पाते हुए खारिज कर दी।
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याची का कहना था कि काशी विश्वनाथ मंदिर एक विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। यहां दुनिया भर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। प्रदेश और अन्य राज्यों में भी तमाम धार्मिक स्थलों पर मांस और मंदिरा के सेवन तथा बिक्री पर रोक है। बताया गया कि मथुरा और मेरठ में धर्म स्थल के पास ऐसी रोक है।
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इसी प्रकार से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में धर्मस्थलों के पास मांस और मदिरा की बिक्री और सेवन पर रोक है। मांग की गई कि काशी विश्वनाथ मंदिर के एक किलोमीटर के दायरे में प्रतिबंध लगाया जाए। वाराणसी में बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी आते हैं जो मंदिर के पास मांस और मदिरा का सेवन करते हैं इससे एक धर्म विशेष के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। कोर्ट ने याचिका आधार हीन पाते हुए खारिज कर दी।
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