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सगे भाई के हत्यारे की उम्रकैद बरकरार
Sun, 28 Apr 2019 01:42 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 28 Apr 2019 01:42 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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हाईकोर्ट ने मामूली विवाद में सगे भाई का गला काट देने वाले अभियुक्त पीलीभीत के सोमपाल की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। कोर्ट ने अभियुक्त के नाबालिग भतीजे की गवाही को विश्वसनीय मानते हुए अभियुक्त को सजा का हकदार माना है। सोमपाल की अपील पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति वीके श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई की।
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घटना बरखोड़ा थाना के ज्योरहा कल्याणपुर गांव की 18 मार्च 2011 की है। उस दिन होली का त्योहार था। इस गांव के रामप्रसाद और सोमपाल सगे भाई थी। दिन मेें करीब सवा बजे रामप्रसाद ने सोमपाल को घर में गोबर का लेपन करने के लिए कहा। इस बात से नाराज सोमपाल ने रामप्रसाद पर गड़ासे से कई वारे किए। जिससे उसकी गर्दन कट गई। कई अन्य चोटें भी आईं। रामप्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय रामप्रसाद का पांच वर्षीय बेटा आकाश और बेटी नीतू भी वहीं मौजूद थे।
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दोनों ने पड़ोस में रहने वाले झम्मनलाल को इसकी जानकारी दी। गांव के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। हत्या के बाद सोमपाल घटनास्थल पर ही मौजूद रहा। पुलिस ने उसे घटनास्थल से ही गिरफ्तार किया। सेशनकोर्ट ने नाबालिग आकाश की साक्ष्य दे पाने की योग्यता का परीक्षण करने के बाद उसका बयान दर्ज किया।
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अन्य गवाहों और बयानों के आधार पर सोमपाल को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस आदेश के खिलाफ सोमपाल ने जेल से अपील दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने सजा के आदेश पर विचार करने के बाद इसे उचित करार देते हुए सजा बहाल रखी है।