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एजी आफिस कर्मचारी ने फांसी लगाकर दे दी जान
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-डिप्रेशन का इलाज चल रहा था, पत्नी गई थी दवा लेने
प्रयागराज। दारागंज के बक्शी कला इलाके में सोमवार की शाम एजी आफिस कर्मचारी भोला शंकर पांडेय ने फांसी लगाकर जान दे दी। घर में उस वक्त कोई नहीं था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घरवालों के मुताबिक वह पिछले काफी समय से डिप्रेशन का शिकार थे। उनका इलाज चल रहा था।
बक्शी कला निवासी भोला शंकर पांडेय (50) एजी आफिस में कर्मचारी थे। लंबे समय से संविदा की नौकरी करने के बाद दो साल पहले ही वह नियमित हुए थे। वह नागवासुकि मंदिर में पूजा-पाठ भी करवाते थे। परिवार में पत्नी अर्चना और बेटा हरिओम है। सोमवार की शाम बेटा कहीं गया था। पत्नी अर्चना ने उन्हें चाय बनाकर दी तो वह कप लेकर बाहर निकल गए और चबूतरे पर बैठकर चाय पीने लगे। अर्चना को दवा लेनी थी। वह भोला शंकर से बताकर दवा लेने चली गईं।
जब वापस लौटीं तो देखा कि भोला शंकर फांसी पर लटक रहे हैं। उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े। पुलिस को सूचना दी गई। शव नीचे उतारा गया। इंस्पेक्टर धाकेश्वर सिंह ने बताया कि घर में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था। भोला शंकर पिछले कुछ समय से डिप्रेशन का शिकार थे। उनका उपचार चल रहा था। उनकी पत्नी ने बताया कि अगर कोई बात होती तो वह दवा लेने जाती ही नहीं। उन्हें इस बात का अंदेशा नहीं था कि ऐसा कुछ भी हो जाएगा। पुलिस ने कमरे में तलाशी ली, लेकिन कोई सुसाइड नोट या कागज नहीं मिला। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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प्रयागराज। दारागंज के बक्शी कला इलाके में सोमवार की शाम एजी आफिस कर्मचारी भोला शंकर पांडेय ने फांसी लगाकर जान दे दी। घर में उस वक्त कोई नहीं था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घरवालों के मुताबिक वह पिछले काफी समय से डिप्रेशन का शिकार थे। उनका इलाज चल रहा था।
बक्शी कला निवासी भोला शंकर पांडेय (50) एजी आफिस में कर्मचारी थे। लंबे समय से संविदा की नौकरी करने के बाद दो साल पहले ही वह नियमित हुए थे। वह नागवासुकि मंदिर में पूजा-पाठ भी करवाते थे। परिवार में पत्नी अर्चना और बेटा हरिओम है। सोमवार की शाम बेटा कहीं गया था। पत्नी अर्चना ने उन्हें चाय बनाकर दी तो वह कप लेकर बाहर निकल गए और चबूतरे पर बैठकर चाय पीने लगे। अर्चना को दवा लेनी थी। वह भोला शंकर से बताकर दवा लेने चली गईं।
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जब वापस लौटीं तो देखा कि भोला शंकर फांसी पर लटक रहे हैं। उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े। पुलिस को सूचना दी गई। शव नीचे उतारा गया। इंस्पेक्टर धाकेश्वर सिंह ने बताया कि घर में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था। भोला शंकर पिछले कुछ समय से डिप्रेशन का शिकार थे। उनका उपचार चल रहा था। उनकी पत्नी ने बताया कि अगर कोई बात होती तो वह दवा लेने जाती ही नहीं। उन्हें इस बात का अंदेशा नहीं था कि ऐसा कुछ भी हो जाएगा। पुलिस ने कमरे में तलाशी ली, लेकिन कोई सुसाइड नोट या कागज नहीं मिला। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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