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Prayagraj : हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद एसआरएन अस्पताल में डीएम तक ने लगाई दौड़, फिर भी मिलीं कई खामियां

Sun, 25 May 2025 11:36 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 25 May 2025 11:36 AM IST
सार

एसआरएन अस्पताल की बदहाली पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ शनिवार को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय पहुंचे तो एमआरआई सेंटर पर उन्हें ताला लटका मिला।

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After the harsh comments of the High Court, even the DM rushed to SRN Hospital
एसआरएन में मरीजों का हाल-चाल लेते डीएम रविंद्र कुमार मांदड़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

एसआरएन अस्पताल की बदहाली पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ शनिवार को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय पहुंचे तो एमआरआई सेंटर पर उन्हें ताला लटका मिला। वह भीतर मशीन और अन्य उपकरणों का हाल नहीं देख सके। डीएम को डिप्टी एसआईसी ने बताया कि सेंटर के कर्मचारी घर जा चुके हैं।

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शाम करीब पांच बजे अस्पताल देखने पहुंचे डीएम ने एमआरआई सेंटर बंद होने पर नाराजगी जताते हुए उप प्रमुख अधीक्षक से कहा कि जब आप लोगों को पता था कि मैं निरीक्षण करने आऊंगा, तो फिर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को रोका क्यों नहीं।

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इसके बाद चिकित्सालय में साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सकों की समय से उपस्थिति, अस्पताल में आने वाले मरीजों के समुचित उपचार और समय से ओपीडी में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने को लोकर उप प्रधानाचार्य को निर्देशित किया।
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After the harsh comments of the High Court, even the DM rushed to SRN Hospital
एसआरएन अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे डीएम रविंद्र कुमार मांदड़। - फोटो : अमर उजाला।

सबसे पहले पहुंचे ट्रॉमा सेंटर

शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे डीएम सबसे पहले ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। इस दौरान वहां इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत ड्यूटी पर उपस्थित मिले। उन्हीं के साथ डॉ. दीपक की भी ड्यूटी थी, लेकिन वह अनुपस्थित थे। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। निर्देशित किया कि ड्यूटी रूम के बाहर बोर्ड लगवाएं, जिस पर उस समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों के शिफ्टवार नाम, मोबाइल नंबर व समय स्पष्ट रूप से लिखा हो। निरीक्षण के समय वहां पर एसी व सीसीटीवी क्रियाशील नहीं मिलने पर उन्हें तत्काल ठीक कराए जाने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने एक्सरे, सिटी स्कैन, पैथोलॉजी में मशीनों की क्रियाशीलता के बारे में जानकारी ली और वहां पर तैनात कार्मिकों की ग्रूमिंग क्लास करवाने के लिए कहा। उन्होंने सभी जांच रिपोर्टों को समय से निर्धारित शुल्क पर उपलब्ध कराने के लिए कहा। इसके बाद वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हालचाल जाना और डॉक्टरों के आने और उनके व्यवहार के बारे में पूछा। मरीजों ने डॉक्टरों का व्यवहार ठीक बताया। डीएम ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक साल की बच्ची, जिसे उसकी मां ने पुल से फेंक दिया गया था। उसकी हालत को देखते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी से वार्ता की। बालिका के उपचार के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा।

पुरानी बिल्डिंग की भी देखा हाल

इसके बाद डीएम ने पुरानी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। यहां पुरुष वार्ड में भर्ती नैनी के फूलमंडी निवासी भैया लाल से उनका हाल जाना। पता चला कि कुछ दिन पहले ट्रेन की चपेट में आने से भैया लाल के दोनों पैर कट गए थे। इस पर डीएम ने डॉक्टरों से उनकी रिपोर्ट बनाकर आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने के लिए कहा।

डीएम ने आगाह किया, अस्पताल परिसर में न दिखे निजी एंबुलेंस

एमआरआई सेंटर के निरीक्षण के बाद उसके पिछले दरवाजे से डीएम पोस्टमार्टम हाउस की तरफ जाने वाली रोड पर निकल गए। वहां कई निजी एंबुलेंस खड़ी दिखीं। इस पर उन्होंने एसआरएन चौकी इंचार्ज आनंद यादव को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि अब से अस्पताल परिसर के अंदर एक भी निजी एंबुलेंस दिखाई देगी तो ठीक नहीं होगा। कहा, अस्पताल परिसर में सरकारी एंबुलेंस के अलावा एक भी निजी एंबुलेंस नहीं दिखनी चाहिए।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट समेत चार अफसरों की टीम गठित कर दो घंटे में मांगी अस्पताल की रिपोर्ट

डीएम ने करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद साथ में मौजूद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट समेत चार अफसरों की टीम गठित कर उन्हें निर्देशित किया कि अस्पताल की 100 प्रतिशत निरीक्षण आख्या दो घंटे के भीतर प्रस्तुत करें। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाई गईं कमियों को टाइमलाइन बनाकर शीघ्रता के साथ दूर करने के लिए एसआईसी को निर्देशित किया। कहा कि बाहर से दवा लिखे जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में इमरजेंसी वार्ड तक जाने वाली सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण के भी निर्देश दिए। इस मौके पर डीएम के साथ मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनिमेश वर्मा, सभी अपर नगर मजिस्ट्रेट व अस्पताल की तरफ से डॉ. मोहित जैन उपस्थित रहे।

एसीएम करेंगे एसआरएन की व्यवस्था की निगरानी

डीएम रविंद्र मांदड़ ने एसीएम को एसआरएन की व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा सौंपा है। वह चिकित्सकों की ओपीडी की निगरानी करेंगे और प्रतिदिन ड्यूटीरत चिकित्सकों की सूची भी डीएम को उपलब्ध कराएंगे।

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