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सीएम योगी से किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद लिए अधिवक्ताओं को लगा झटका
Thu, 17 Dec 2020 12:55 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 17 Dec 2020 12:55 AM IST
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prayagraj news : अधिवक्ता समागम में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : prayagraj
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अधिवक्ता समागम में मुख्यमंत्री से किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद लगाए अधिवक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ता हित में किए गए तमाम कामों का हवाला दिया। हर तरह की मदद की भरोसा भी दिया लेकिन कोई नई घोषणा नहीं की।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव प्रभाशंकर मिश्र का कहना है कि अधिवक्ता समागम में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने शिक्षा अधिकरण और दुघर्टना दावा अधिकरण की प्रधानपीठें प्रयागराज में बनाए जाने का मुद्दा दरकिनार कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने इनका जिक्र तक नहीं किया और न ही उनको दिए गए ज्ञापन में ही इसका जिक्र किया है। जबकि हाईकोर्ट के अधिवक्ता इन मुद्दों को लेकर लंबी लड़ाई लड़ चुके हैं।
प्रभाशंकर का कहना है कि मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के कार्यक्रम में आकर अधिवक्ताओं के संबंध में कोई घोषणा नहीं की। वह सिर्फ राजनीतिक बयान देकर चले गए। इससे अधिवक्ता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि बार के महासचिव को मंच से बोलने तक का अवसर नहीं दिया गया, जो कि बार की गरिमा का हनन है।
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उल्लेखनीय है कि शिक्षा और दावा अधिकरण के मुद्दे पर हाईकोर्ट के वकीलों ने लंबा आंदोलन किया है। शिक्षा अधिकरण के मुद्दे पर वकीलों ने महीनों लंबी हड़ताल की। प्रयागराज की जनता और व्यापारी भी इसमें शामिल हुए। सरकार से आश्वासन मिलने के बाद शिक्षा अधिकरण और दावा अधिकरण की प्रधानपीठें प्रयागराज में नहीं बनाने से वकीलों में नाराजगी है। उनको उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री के आगमन पर इन मुद्दों पर भी कोई घोषणा होगी। मगर ऐसा नहीं होने से वे निराश हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि अधिवक्ता संघ कार्यालय में ई लाइब्रेरी बनाई जाए। बाबा राम अधार यादव के कार्यकाल में डेरी स्थापना के लिए पांच बीघा सरकारी जमीन सुरक्षित की गई थी, उक्त भूमि पर बहुमंजिला अधिवक्ता कक्ष बनाए जाने और एसएसपी कार्यालय के सामने की जमीन खाली कराकर अधिवक्ताओं के वाहन स्टैंड के लिए दिए जाने सहित अन्य मांगों का ज्ञापन सौंपा है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरी के नेतृत्व में शासकीय अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने समागम स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया ।
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव प्रभाशंकर मिश्र का कहना है कि अधिवक्ता समागम में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने शिक्षा अधिकरण और दुघर्टना दावा अधिकरण की प्रधानपीठें प्रयागराज में बनाए जाने का मुद्दा दरकिनार कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने इनका जिक्र तक नहीं किया और न ही उनको दिए गए ज्ञापन में ही इसका जिक्र किया है। जबकि हाईकोर्ट के अधिवक्ता इन मुद्दों को लेकर लंबी लड़ाई लड़ चुके हैं।
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प्रभाशंकर का कहना है कि मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के कार्यक्रम में आकर अधिवक्ताओं के संबंध में कोई घोषणा नहीं की। वह सिर्फ राजनीतिक बयान देकर चले गए। इससे अधिवक्ता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि बार के महासचिव को मंच से बोलने तक का अवसर नहीं दिया गया, जो कि बार की गरिमा का हनन है।
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उल्लेखनीय है कि शिक्षा और दावा अधिकरण के मुद्दे पर हाईकोर्ट के वकीलों ने लंबा आंदोलन किया है। शिक्षा अधिकरण के मुद्दे पर वकीलों ने महीनों लंबी हड़ताल की। प्रयागराज की जनता और व्यापारी भी इसमें शामिल हुए। सरकार से आश्वासन मिलने के बाद शिक्षा अधिकरण और दावा अधिकरण की प्रधानपीठें प्रयागराज में नहीं बनाने से वकीलों में नाराजगी है। उनको उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री के आगमन पर इन मुद्दों पर भी कोई घोषणा होगी। मगर ऐसा नहीं होने से वे निराश हैं।
अधिवक्ता संघ ने सौंपा मुख्यमंत्री को ज्ञापन
जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने अधिवक्ता समागम स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनंदन किया और अपनी कुछ मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। संघ के मंत्री राकेश कुमार दुबे ने बताया कि संघ के अध्यक्ष हरि सागर मिश्र, पूर्व अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी और संघ के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिवक्ता समागम में शामिल हुआ। अधिवक्ता प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों के संदर्भ में एक ज्ञापन भी सौंपा है।ज्ञापन में मांग की गई है कि अधिवक्ता संघ कार्यालय में ई लाइब्रेरी बनाई जाए। बाबा राम अधार यादव के कार्यकाल में डेरी स्थापना के लिए पांच बीघा सरकारी जमीन सुरक्षित की गई थी, उक्त भूमि पर बहुमंजिला अधिवक्ता कक्ष बनाए जाने और एसएसपी कार्यालय के सामने की जमीन खाली कराकर अधिवक्ताओं के वाहन स्टैंड के लिए दिए जाने सहित अन्य मांगों का ज्ञापन सौंपा है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरी के नेतृत्व में शासकीय अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने समागम स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया ।