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एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लाए सरकार
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Advocate Protection Act
तीस हजारी कोर्ट की घटना पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की आपात बैठक में वकीलों ने उठाई आवाज
प्रयागराज। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की रविवार को हुई आपात बैठक में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में वकील पर जानलेवा हमले की घटना की निंदा की गई। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए आवाज उठाई गई। साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकारों से तत्काल एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाकर लागू करने की मांग की गई, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
तीस हजारी कोर्ट की घटना पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की ओर से जो भी रणनीति बनाई जाएगी या दिशा -निर्देश दिए जाएंगे, उसका अनुपालन किया जाएगा। इस मौकेपर अखिलेश कुमार मिश्र गांधी, वीरेंद्र नाथ उपाध्याय, अजीत कुमार यादव, विजय सिंह सेंगर, प्रियदर्शी त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, सर्वेश कुमार दुबे, नीलम शुक्ला, सुरेंद्र नाथ मिश्र, शिवांगी भार्गव, अजय कुमार मिश्र, मनीष पांडेय, वरुण कुमार शुक्ल, संतोष कुमार मिश्र, विनोद कुमार यादव, उर्मिला त्रिपाठी, कपिल देव यादव, अजय कुमार पाठक, अभिषेक शुक्ला, श्यामा चरण त्रिपाठी, संजय कुमार सिंह, शोभनाथ पांडेय, कौशलेश प्रसाद तिवारी समेत तमाम अधिवक्ता उपस्थित थे। अध्यक्षता हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने की। संचालन महासचिव जेबी सिंह ने किया।
तीस हजारी कोर्ट प्रकरण पर बार काउंसिल का प्रदेशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आठ को
प्रयागराज। दिल्ली में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज की घटना की उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने घोर निंदा की है। बार काउंसिल के चेयरमैन हरिशंकर सिंह ने रविवार की शाम कहा कि इस मसले पर आठ नवंबर को प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन कर विरोध प्रगट किया जाएगा। जुलूस निकाल कर चक्काजाम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस घटना के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा की विधिवत घोषणा सोमवार को बार काउंसिल भवन में की जाएगी। उधर, बार काउंसिल के सदस्य देवेंद्र मिश्र नागरहा ने घटना की भर्त्सना करते हुए कहा है कि वकीलों के साथ इस तरह की ज्यादतियां आए दिन हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल को जल्द से जल्द लागू किया जाए तथा इस घटना की न्यायिक जांच कराकर दोषी लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
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प्रयागराज। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की रविवार को हुई आपात बैठक में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में वकील पर जानलेवा हमले की घटना की निंदा की गई। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए आवाज उठाई गई। साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकारों से तत्काल एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाकर लागू करने की मांग की गई, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
तीस हजारी कोर्ट की घटना पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की ओर से जो भी रणनीति बनाई जाएगी या दिशा -निर्देश दिए जाएंगे, उसका अनुपालन किया जाएगा। इस मौकेपर अखिलेश कुमार मिश्र गांधी, वीरेंद्र नाथ उपाध्याय, अजीत कुमार यादव, विजय सिंह सेंगर, प्रियदर्शी त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, सर्वेश कुमार दुबे, नीलम शुक्ला, सुरेंद्र नाथ मिश्र, शिवांगी भार्गव, अजय कुमार मिश्र, मनीष पांडेय, वरुण कुमार शुक्ल, संतोष कुमार मिश्र, विनोद कुमार यादव, उर्मिला त्रिपाठी, कपिल देव यादव, अजय कुमार पाठक, अभिषेक शुक्ला, श्यामा चरण त्रिपाठी, संजय कुमार सिंह, शोभनाथ पांडेय, कौशलेश प्रसाद तिवारी समेत तमाम अधिवक्ता उपस्थित थे। अध्यक्षता हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने की। संचालन महासचिव जेबी सिंह ने किया।
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तीस हजारी कोर्ट प्रकरण पर बार काउंसिल का प्रदेशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आठ को
प्रयागराज। दिल्ली में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज की घटना की उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने घोर निंदा की है। बार काउंसिल के चेयरमैन हरिशंकर सिंह ने रविवार की शाम कहा कि इस मसले पर आठ नवंबर को प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन कर विरोध प्रगट किया जाएगा। जुलूस निकाल कर चक्काजाम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस घटना के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा की विधिवत घोषणा सोमवार को बार काउंसिल भवन में की जाएगी। उधर, बार काउंसिल के सदस्य देवेंद्र मिश्र नागरहा ने घटना की भर्त्सना करते हुए कहा है कि वकीलों के साथ इस तरह की ज्यादतियां आए दिन हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल को जल्द से जल्द लागू किया जाए तथा इस घटना की न्यायिक जांच कराकर दोषी लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
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