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नाराज वकीलों ने दो घंटे घेरे रखा डीएम कार्यालय
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advocate idris murder case
- फोटो : CITY DESK
इदरीस हत्याकांड का खुलासा न होने पर जताई नाराजगी
डीएम ने पहुंचकर आश्वासन दिया तब जाकर हुए शांत
प्रयागराज। साथी की हत्या का खुलासा न होने से नाराज जिला कचहरी के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय घेर लिया। करीब दो घंटे तक वह गेट पर बैठे रहे और किसी को कार्यालय के भीतर नहीं जाने दिया। बाद में डीएम ने मौके पर पहुंचकर मांगों के संबंध में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर अधिवक्ता दो घंटे बाद शांत हुए।
करेली के अधिवक्ता इदरीस हत्याकांड को लेकर वकीलों ने एक दिन पहले भी विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होेंने मामले के खुलासे व हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी के अलावा मुआवजे आदि की मांगें उठाई थीं। हालांकि पुलिस खुलासा तो दूर किसी विवाद के बाबत भी कोई जानकारी हासिल नहीं कर सकी। हत्या का खुलासा न होने पर शुक्रवार सुबह कचहरी के अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। सबसे पहले आम सभा आयोजित की गई जिसमें घटना की निंदा करते हुए 20 लाख मुआवजा, परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद अविलंब देने, हत्यारों की गिरफ्तारी व मामले के खुलासे आदि मांग उठाई गई। इसके बाद जुलूस की शक्ल में अधिवक्ता दोपहर करीब 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे तो पता चला कि डीएम कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। जिस पर वह डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए कार्यालय का घेराव करते हुए गेट पर ही बैठ गए। सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव कर्नलगंज, जार्जटाउन, खुल्दाबाद, शाहगंज, अतरसुइया समेत आरआरएफ व पीएसी लेकर मौके पर पहुंच गए।
उधर, एडीएम सिटी समेत तमाम प्रशासनिक अफसर भी पहुंच गए। अफसरों ने बात करने की कोशिश की लेकिन अधिवक्ता उनकी सुनने को तैयार नहीं हुए। साथ ही पुलिस प्रशासन के साथ ही नारेबाजी भी शुरू कर दी। सवा एक बजे के करीब डीएम भानुचंद गोस्वामी के साथ ही एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज भी मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से बात की। डीएम ने बताया कि मृतक अधिवक्ता के परिवार को आर्थिक मदद व अन्य सहायता के लिए कार्यवाही उनके स्तर से कर दी गई है। शासन की मंजूरी मिलते ही रकम परिवार तक पहुंच जाएगी। गिरफ्तारी के संबंध में उनका कहना था कि एसएसपी खुद केस को मॉनिटर कर रहे हैं और ख्ुालासे के लिए कई टीमों को लगाया गया है। डीएम की ओर से आश्वासन मिलने के बाद अधिवक्ताअेां ने उन्हें ज्ञापन सौंपा और फिर वह गेट से हटने को तैयार हुए। तब जाकर करीब डेढ़ घंटे बाद डीएम कार्यालय का गेट खुल सका।
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डीएम ने पहुंचकर आश्वासन दिया तब जाकर हुए शांत
प्रयागराज। साथी की हत्या का खुलासा न होने से नाराज जिला कचहरी के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय घेर लिया। करीब दो घंटे तक वह गेट पर बैठे रहे और किसी को कार्यालय के भीतर नहीं जाने दिया। बाद में डीएम ने मौके पर पहुंचकर मांगों के संबंध में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर अधिवक्ता दो घंटे बाद शांत हुए।
करेली के अधिवक्ता इदरीस हत्याकांड को लेकर वकीलों ने एक दिन पहले भी विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होेंने मामले के खुलासे व हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी के अलावा मुआवजे आदि की मांगें उठाई थीं। हालांकि पुलिस खुलासा तो दूर किसी विवाद के बाबत भी कोई जानकारी हासिल नहीं कर सकी। हत्या का खुलासा न होने पर शुक्रवार सुबह कचहरी के अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। सबसे पहले आम सभा आयोजित की गई जिसमें घटना की निंदा करते हुए 20 लाख मुआवजा, परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद अविलंब देने, हत्यारों की गिरफ्तारी व मामले के खुलासे आदि मांग उठाई गई। इसके बाद जुलूस की शक्ल में अधिवक्ता दोपहर करीब 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे तो पता चला कि डीएम कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। जिस पर वह डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए कार्यालय का घेराव करते हुए गेट पर ही बैठ गए। सूचना मिली तो हड़कंप मच गया। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव कर्नलगंज, जार्जटाउन, खुल्दाबाद, शाहगंज, अतरसुइया समेत आरआरएफ व पीएसी लेकर मौके पर पहुंच गए।
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उधर, एडीएम सिटी समेत तमाम प्रशासनिक अफसर भी पहुंच गए। अफसरों ने बात करने की कोशिश की लेकिन अधिवक्ता उनकी सुनने को तैयार नहीं हुए। साथ ही पुलिस प्रशासन के साथ ही नारेबाजी भी शुरू कर दी। सवा एक बजे के करीब डीएम भानुचंद गोस्वामी के साथ ही एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज भी मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से बात की। डीएम ने बताया कि मृतक अधिवक्ता के परिवार को आर्थिक मदद व अन्य सहायता के लिए कार्यवाही उनके स्तर से कर दी गई है। शासन की मंजूरी मिलते ही रकम परिवार तक पहुंच जाएगी। गिरफ्तारी के संबंध में उनका कहना था कि एसएसपी खुद केस को मॉनिटर कर रहे हैं और ख्ुालासे के लिए कई टीमों को लगाया गया है। डीएम की ओर से आश्वासन मिलने के बाद अधिवक्ताअेां ने उन्हें ज्ञापन सौंपा और फिर वह गेट से हटने को तैयार हुए। तब जाकर करीब डेढ़ घंटे बाद डीएम कार्यालय का गेट खुल सका।

advocate idris murder case- फोटो : CITY DESK
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