इविवि में अफसरों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी

अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 05 Mar 2017 01:54 AM IST
Advertised for recruitment of officers in Ivivi
नौकरी
लंबे इंतजार के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कुलसचिव (रजिस्ट्रार), वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक पदों पर भर्ती के लिए शनिवार को विज्ञापन जारी कर दिया गया। इसी के साथ आवेदन भी शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय में किसी भर्ती के लिए पहली बार ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है। रजिस्ट्रेशन 24 मार्च तक किया जा सकेगा। फीस जमा कर फार्म जमा करने की आखिरी तारीख 27 मार्च है। भर्ती प्रक्रिया 45 दिन में पूरी होने की उम्मीद है। यह प्रयोग सफल रहा तो शिक्षक समेत अन्य भर्तियों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।

विश्वविद्यालय में तीनों पद लंबे समय से खाली हैं। पिछले साल इन पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई थी, लेकिन चयनितों ने विश्वविद्यालय की शर्त पर ज्वाइन करने से मना कर दिया। ऐसे में विश्वविद्यालय अब भी कार्यवाहक अफसरों के भरोसे है, लेकिन छात्रसंघ की अगुवाई में छात्रों के उग्र आंदोलन के बाद इन पदाें जल्द भर्ती का आश्वासन दिया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को लिखित आश्वासन दिया था कि 15 अप्रैल तक इन पदाें के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। हालांकि , 15 अप्रैल तक अफसरों के चयन की तो उम्मीद नहीं है, लेकिन शनिवार को ऑनलाइन आवेदन के साथ भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

चयन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. अनुपम दीक्षित ने प्रेसवार्ता में बताया कि इसके लिए एनआईसी से समझौता हुआ है। फीस भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से जमा होगी। बताया कि ऑनलाइन आवेदन से पारदर्शिता बढ़ने के साथ भर्ती प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो जाएगी। एनआईसी के नवनीत प्रधान ने बताया कि इसके लिए पेपरलेस, रिक्रूटमेंट फॉर इंटेलिजेंट नॉलेजबल स्किल्ड एंड हाईली ऐबल कैंडिडेट्स (परीक्षा) नामक पोर्टल बनाया गया है, जो विश्वविद्यालय की वेबसाइट से लिंक होगा। आवेदन के तीन चरण होंगे। आवेदन के साथ लगने वाले डाक्यूमेंट के लिए ई-लॉकर की सुविधा होगी। खास यह कि फार्म में भरे गए डिटेल तथा अन्य दस्तावेज हमेशा के लिए सुरक्षित रहेंगे। अन्य संस्था की भर्ती के लिए दोबारा फार्म नहीं भरना होगा। नाम, पिता आदि का नाम डालते ही पुराना फार्म स्क्रीन पर आ जाएगा। उन्हाेंने बताया कि रजिस्ट्रेशन, फार्म सबमित करने, इंटरव्यू आदि की जानकारी अभ्यर्थी को एसएमएस तथा ई-मेल के माध्यम से दी जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन से विश्वविद्यालय को स्क्रीनिंग की जटिल तथा विवादित प्रक्रिया से भी राहत मिल जाएगी। अफसरों का दावा है कि 95 फीसदी तक डाक्यूमेंट ऑनलाइन ही वेरिफाई हो जाएंगे। अभ्यर्थी की ओर से दावों के पक्ष में लगाए गए डाक्यूमेंट के आधार पर मेरिट तय हो जाएगी। उसी आधार पर इंटरव्यू के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची भी ऑनलाइन हो जाएगी। इसकी सूचना संबंधित अभ्यर्थियों को एसएमएस से मिल जाएगी। यदि कहीं विवाद होगा तो उसका मैनुअल निस्तारण किया जाएगा।

रजिस्ट्रार के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पूर्व में भी आवेदन ले चुका है। उस समय ऑफलाइन आवेदन मांगा गया था लेकिन अब आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। ऐसे में पूर्व के आवेदकों को भी ऑनलाइन आवेदन करना होगा। हालांकि आवेदन फीस में उन्हें छूट मिलेगी।

कुलसचिव, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को इसकी हार्ड कॉपी भी जमा करनी होगी। अभ्यर्थियों को आवेदन की प्रिंट तथा अन्य डॉक्यूमेंट की प्रति रजिस्ट्रार आफिस में चार अप्रैल तक जमा करनी होगी। प्रोफेसर अनुपम दीक्षित ने बताया कि पहली बार ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में कोई दिक्कत न हो इसलिए अभ्यर्थियों से हार्डकॉपी भी मांगी गई है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अफसरों के चयन के लिए शनिवार को विज्ञापन जारी कर दिया गया, लेकिन शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को अभी इंतजार करना होगा। रजिस्ट्रार समेत तीन पदों के लिए पहली बार ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है। इसकी सफलता पर निर्भर करेगा कि  अध्यापकों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन लिए जाएं या नहीं और लिए जाएं तो कब से।

विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट तथा असिस्टेंट प्रोफेसर के 290 पदों के लिए पिछले साल फरवरी में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। आवेदन भी लिए जा चुके हैं, लेकिन रोस्टर में अनियमितता तथा अन्य बिंदुओं को लेकर आपत्ति हुई थी। मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिकायतों के निस्तारण के बाद दोबारा विज्ञापन जारी करने का फैसला लिया। जल्द प्रक्रिया पूरी करने के मकसद से निर्वाचन आयोग से भी अनुमति ले ली गई, लेकिन अब ऑनलाइन आवेदन को लेकर गतिरोध बन गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन आवेदन की तरफ कदम बढ़ाया है, लेकिन अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया काफी जटिल है। स्क्रीनिंग का काम उससे भी जटिल है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जोखिम न उठाते हुए पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगा है। चयन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर अनुपम दीक्षित का कहना है कि इसकी सफलता के बाद अध्यापकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसे में अध्यापकों के लिए भर्ती प्रक्रिया एक से डेढ़ महीने बाद ही शुरू हो पाएगी। यानी, नया सत्र शुरू होने से पहले विश्वविद्यालय को शिक्षक नहीं मिल पाएंगे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी दिवस: प्रदेश को 25 हजार करोड़ की योजनाओं की सौगात, योगी बोले- आज का दिन गौरवशाली

यूपी दिवस के मौके पर प्रदेश को सरकार ने 25 हजार करोड़ करोड़ की योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री योगी ने आज के दिन को गौरवशाली बताया।

24 जनवरी 2018

Related Videos

इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले में लगी आग, कई टेंट जलकर हुए खाक

इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले में रविवार दोपहर आग लगने से दहशत फैल गयी। माना जा रहा है कि आग दीये से लगी। फायर बिग्रेड की टीम ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग से कई टेंट जलकर खाक हो गए वहीं इस हादसे में कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ।

22 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls