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सुमित शुक्ला हत्याकांड: दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, सोशल मीडिया पर दिन भर रही ये चर्चा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Sat, 03 Nov 2018 04:15 AM IST
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इनामी छात्रनेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला की हत्या के आरोपी 48 घंटे बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उनकी तलाश में लगी चार टीमें गैर जनपदों की खाक छान रही हैं लेकिन, फिलहाल कुछ पता नहीं चल सका है। उधर, सोशल मीडिया पर दिन भर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि पुलिस अफसरों ने इसे नकार दिया।
25 हजार के इनामी अच्युतानंद की 31 अक्तूबर की रात पीसीबी हॉस्टल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में चचेरे भाई की तहरीर पर पुलिस ने सीएमपी छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी के साथ हरिकेश मिश्र व सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
हत्यारोपियों की तलाश में क्राइम ब्रांच समेत चार टीमें लगाई गई हैं। हालांकि शुक्रवार देर रात तक हत्यारोपियों का कोई सुराग पुलिस हासिल नहीं कर सकी थी। तलाश में लगी टीमों ने बलरामपुर के साथ ही शहर के अल्लापुर, सुल्तानपुर व रायबरेली में दबिश दी।
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लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इससे पहले क्राइम ब्रांच की टीम ने मुख्य आरोपी के अल्लापुर में रहने वाले चचेरे भाई के घर भी दबिश दी। वहां परिवारवालों से पूछताछ की गई लेकिन वह भी कुछ बता नहीं सके। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों के हर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। उनके मोबाइल फोन बंद हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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25 हजार के इनामी अच्युतानंद की 31 अक्तूबर की रात पीसीबी हॉस्टल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में चचेरे भाई की तहरीर पर पुलिस ने सीएमपी छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी के साथ हरिकेश मिश्र व सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
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हत्यारोपियों की तलाश में क्राइम ब्रांच समेत चार टीमें लगाई गई हैं। हालांकि शुक्रवार देर रात तक हत्यारोपियों का कोई सुराग पुलिस हासिल नहीं कर सकी थी। तलाश में लगी टीमों ने बलरामपुर के साथ ही शहर के अल्लापुर, सुल्तानपुर व रायबरेली में दबिश दी।
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लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इससे पहले क्राइम ब्रांच की टीम ने मुख्य आरोपी के अल्लापुर में रहने वाले चचेरे भाई के घर भी दबिश दी। वहां परिवारवालों से पूछताछ की गई लेकिन वह भी कुछ बता नहीं सके। एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों के हर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। उनके मोबाइल फोन बंद हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
हॉस्टल में अवैध रूप से रहते थे
सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला है कि मुख्य आरोपी आशुतोष व एक अन्य आरोपी हरिकेश अवैध रूप से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एसआरके हॉस्टल में रहते थे। यहां उनके रहने की व्यवस्था भी अच्युतानंद के कहने पर हुई थी।
हरिकेश मूल रूप से सुल्तानपुर का रहने वाला है और वह आशुतोष का बेहद करीबी है। हरिकेश व अच्युतानंद के करीबी आलोक के बीच हुए झगड़े के बाद ही इस वारदात को अंजाम दिया गया। मामले का तीसरा नामजद आरोपी सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस है, जो यमुनापार के जसरा का रहने वाला है। पिछले साल इविवि में उपाध्यक्ष पद पर छात्रसंघ चुनाव भी लड़ चुका है।
सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला है कि मुख्य आरोपी आशुतोष व एक अन्य आरोपी हरिकेश अवैध रूप से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एसआरके हॉस्टल में रहते थे। यहां उनके रहने की व्यवस्था भी अच्युतानंद के कहने पर हुई थी।
हरिकेश मूल रूप से सुल्तानपुर का रहने वाला है और वह आशुतोष का बेहद करीबी है। हरिकेश व अच्युतानंद के करीबी आलोक के बीच हुए झगड़े के बाद ही इस वारदात को अंजाम दिया गया। मामले का तीसरा नामजद आरोपी सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस है, जो यमुनापार के जसरा का रहने वाला है। पिछले साल इविवि में उपाध्यक्ष पद पर छात्रसंघ चुनाव भी लड़ चुका है।