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अभिषेक को आए भोेले के द्वार, लगी कतार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 14 Aug 2018 01:59 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सावन के तीसरे सोमवार को एक बार फिर भोले को जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ शिवालयों में श्रद्धालुओं के साथ ही बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने भी भोले को जलाभिषेक किया। इस बीच शिव स्त्रोत, शिव महिमा स्त्रोत, महामृत्जंय आदि के साथ भोले की आराधना भी की गई। सावन के सोमवार पर जल चढ़ाने केलिए श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं बड़ी संख्या में जुटीं।
सबसे लंबी कतार यमुना किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर में रही। श्रद्धालुओं की कतार भोर से ही लगी। दर्शन, पूजन, जलाभिषेक का क्रम कपाट खुलने के बाद से ही आरंभ हो गया था, जो दोपहर बाद तक जारी रहा। शाम को श्रद्धालुओं ने शृंगार दर्शन किया। मंदिर परिसर में पुरोहितों के आचार्यत्व में कई जगहों पर महारुद्राभिषेक हुए। शिव मंदिरों को बिजली की झालरों और फूलों की लड़ियों से सजाया गया था। कई जगहों पर भोग-भंडारा भी हुआ।
नागवासुकि और तक्षक तीर्थ बड़ा शिवाला सहित पड़िला महादेव, सोमेश्वर महादेव, लालापुर शिव मंदिर, दरवेश्वर महादेव, शिवकोटि, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन एकादश शिवलिंग, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर परिसर के शिव मंदिर, ललितेश्वर महादेव, पारदेश्वर महादेव सहित जिले के तमाम शिव मंदिरों में शिव भक्तों का जमावड़ा लगा रहा। कई जगहों पर मंदिरों के बाहर फूल-माता, भांग-धतूरा, दूध, बेलपत्र बेचने वालों की दुकानें भी लगीं तो कई जगहों पर मंदिरों की ओर से ही पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।
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शिवालयों में सुबह जहां पूजन-अर्चन, अभिषेक, महारुद्राभिषेक की धूम रही, वहीं शाम को विविधतापूर्ण सांगीतिक कार्यक्रम भी हुए। नागवासुकि, तक्षक तीर्थ बड़ा शिवाला, हाईकोर्ट पानी टंकी शिव मंदिर, ललिता देवी मंदिर के पारदेश्वर महादेव मंदिर, शास्त्रीनगर सदियापुर तिराहे के शिव मंदिर में जुटी महिलाओं की टोली ने शिव महिला के गीत गाए। तीज, सावन और शिव के गीतों के बीच मंदिरों में शिव के जयकारे गूंजते ही रहे।
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सबसे लंबी कतार यमुना किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर में रही। श्रद्धालुओं की कतार भोर से ही लगी। दर्शन, पूजन, जलाभिषेक का क्रम कपाट खुलने के बाद से ही आरंभ हो गया था, जो दोपहर बाद तक जारी रहा। शाम को श्रद्धालुओं ने शृंगार दर्शन किया। मंदिर परिसर में पुरोहितों के आचार्यत्व में कई जगहों पर महारुद्राभिषेक हुए। शिव मंदिरों को बिजली की झालरों और फूलों की लड़ियों से सजाया गया था। कई जगहों पर भोग-भंडारा भी हुआ।
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नागवासुकि और तक्षक तीर्थ बड़ा शिवाला सहित पड़िला महादेव, सोमेश्वर महादेव, लालापुर शिव मंदिर, दरवेश्वर महादेव, शिवकोटि, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन एकादश शिवलिंग, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर परिसर के शिव मंदिर, ललितेश्वर महादेव, पारदेश्वर महादेव सहित जिले के तमाम शिव मंदिरों में शिव भक्तों का जमावड़ा लगा रहा। कई जगहों पर मंदिरों के बाहर फूल-माता, भांग-धतूरा, दूध, बेलपत्र बेचने वालों की दुकानें भी लगीं तो कई जगहों पर मंदिरों की ओर से ही पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।
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शिवालयों में सुबह जहां पूजन-अर्चन, अभिषेक, महारुद्राभिषेक की धूम रही, वहीं शाम को विविधतापूर्ण सांगीतिक कार्यक्रम भी हुए। नागवासुकि, तक्षक तीर्थ बड़ा शिवाला, हाईकोर्ट पानी टंकी शिव मंदिर, ललिता देवी मंदिर के पारदेश्वर महादेव मंदिर, शास्त्रीनगर सदियापुर तिराहे के शिव मंदिर में जुटी महिलाओं की टोली ने शिव महिला के गीत गाए। तीज, सावन और शिव के गीतों के बीच मंदिरों में शिव के जयकारे गूंजते ही रहे।