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आरुषि-हेमराज हत्याकांड में अपील पर फैसला सुरक्षित
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 12 Jan 2017 01:14 AM IST
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नोएडा के चर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए तलवार दंपति की अपील पर हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है। सजा याफ्ता डा. राजेश और नूपुर तलवार ने सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद के फैसले को अपील में चुनौती दी है। सीबीआई कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अपील पर न्यायमूर्ति वीके नारायण और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र ने सुनवाई की। बचाव पक्ष और सीबीआई के वकीलों ने इस मामले में महीनों बहस की। सीबीआई कोर्ट के फैसले और घटना के हर पहलू पर वकीलों ने जिरह की। इसके बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है। बता दें कि 15/16 मई 2008 की रात डा. राजेश तलवार की इकलौती पुत्री आरुषि की उसके कमरे में ही हत्या कर दी गई। उसी रात घरेलू नौकरी हेमराज की भी हत्या की गई, मगर उसका पता दो दिन बाद टेरेस पर लाश मिलने के बाद चला।
यूपी पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने जांच-पड़ताल के बाद साक्ष्यों का अभाव बताते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। सीबीआई कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट यह कहते हुए खारिज कर दी कि जांच में जो साक्ष्य मिले हैं वह तलवार दंपति पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त हैं। लंबे ट्रायल और तमाम गवाहों के बयान के बाद सीबीआई कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर तलवार दंपति को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मौजूदा समय में दंपति को गाजियाबाद की डासना जेल में रखा गया है। नूपुर तलवार को अदालत ने अपनी मां की देखभाल के लिए कुछ समय की पेरोल दी है।
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अपील पर न्यायमूर्ति वीके नारायण और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र ने सुनवाई की। बचाव पक्ष और सीबीआई के वकीलों ने इस मामले में महीनों बहस की। सीबीआई कोर्ट के फैसले और घटना के हर पहलू पर वकीलों ने जिरह की। इसके बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है। बता दें कि 15/16 मई 2008 की रात डा. राजेश तलवार की इकलौती पुत्री आरुषि की उसके कमरे में ही हत्या कर दी गई। उसी रात घरेलू नौकरी हेमराज की भी हत्या की गई, मगर उसका पता दो दिन बाद टेरेस पर लाश मिलने के बाद चला।
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यूपी पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने जांच-पड़ताल के बाद साक्ष्यों का अभाव बताते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। सीबीआई कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट यह कहते हुए खारिज कर दी कि जांच में जो साक्ष्य मिले हैं वह तलवार दंपति पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त हैं। लंबे ट्रायल और तमाम गवाहों के बयान के बाद सीबीआई कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर तलवार दंपति को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मौजूदा समय में दंपति को गाजियाबाद की डासना जेल में रखा गया है। नूपुर तलवार को अदालत ने अपनी मां की देखभाल के लिए कुछ समय की पेरोल दी है।
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