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जयकारों के बीच लगी भक्तों की भीड़, देवी का स्वरूप निहार रहे श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 13 Oct 2018 01:18 AM IST
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नवरात्र
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शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन शुक्रवार को शक्तिपीठों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। फूलों और आभूषणों से भगवती का चंद्रघंटा स्वरूप में मनोहारी शृंगार किया गया। शक्तिपीठों की साज-सज्जा में और बढ़ोतरी हुई। मंदिर समितियों के अतिरिक्त श्रद्धालुओं की ओर से भी मंदिर तथा गर्भगृह की सजावट कराई गई।
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मंदिर की ओर आने वाले मार्गों के दोनों ओर बल्लियां लगाकर लाउडस्पीकर लगाए गए थे जिनसे भोर और फिर शाम के बाद देवी गीतों की गूृंज रही। जयकारों के बीच देवी के पूजन और दर्शन का क्रम देर रात तक चलता रहा। सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में भगवती के पूजन और शृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा।
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परिसर में अनेक श्रद्धालुओं की ओर से दुर्गा सप्तशती पाठ सहित शतचंडी महायज्ञ और दुर्गा सहस्रनाम यज्ञ भी हुए। समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा और महामंत्री धीरज नागर की देखरेख में दुर्गा सहस्रनाम पाठ और अभिषेक के साथ ही प्रसाद भी वितरित किया गया।
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महाशक्तिपीठ कल्याणी देवी मंदिर में पूजन और दर्शन के अतिरिक्त परिसर में मांगलिक कार्यक्रम भी हुए। शहर के विभिन्न मोहल्लों और ग्रामीण अंचल से भी श्रद्धालु बच्चों के मुंडन, कर्णछेदन संस्कारों के लिए आए। महिलाओं की टोली ने देवीगीतों, भजनों से देवी की महिमा बखानी। सिद्धपीठ अलोपशंकरी मंदिर में पूजन और दर्शन के लिए जुटने वाले श्रद्धालुओं की तरह निशान चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं का भी तांता लगा रहा।
अनेक नवविवाहित जोड़ों ने भी मंदिर में दर्शन करके आशीर्वाद लिया। परिसर में कई तरह के संस्कार पूरे कराए गए। चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर में कंचन मालवीय की देखरेख में देवी नवदुर्गा स्वरूप में बहुरंगी फूलों से सजीं।
इसी क्रम में भावापुर स्थित काली मंदिर, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, कटरा काली थान, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर अष्टभुजी मंदिर, पानी टंकी देवी मंदिर, समया माई सहित अन्य देवी मंदिरों में भी पूजन-अर्चन और शृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। देवी मंदिरों के पास जयकारों की गूंज से पूरा क्षेत्र देवीमय हुआ। शनिवार को देवी का कूष्मांडा स्वरूप में शृंगार किया जाएगा।