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सुलेमसराय में दधिकांदो मेले की धूम
Allahabad
Updated Tue, 26 Aug 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। दधिकांदो उत्सव की दूसरी कड़ी में रविवार को सुलेमसराय में दधिकांदो मेले की धूम मची। सजे हाथी पर सवार होकर दल बल के साथ भगवान श्रीकृष्ण और बलदाऊ दर्शन देने को निकले। बांकेबिहारी के दल का स्वागत करने को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। आकर्षक रोशनी से नहाए मेला क्षेत्र की सड़कों पर हजारों लोगों ने रात भर मेले का आनंद उठाया। मेला क्षेत्र में लगी दुकानों से महिलाओं ने जरूरत का समान खरीदा वहीं झूलों पर बच्चों समेत बड़े बुजुर्गों भी झूले।
यात्रा ठाकुरद्वारा सुलेमसराय में आरती पूजन के साथ आरंभ हुई। घंटा घड़ियाल शंखनाद के साथ भगवान की आरती समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र केशरवानी की देखरेख में हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीकृष्ण एवं बलदाऊ हाथी पर कसे चांदी हौदे में विराजे। जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी के जयकारे से ठाकुरद्वारा गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण और बलदाऊ दल में दर्जनों घोड़े ऊंट ध्वजा पताका, बैंडबाजा, पच्चीस लीला चौकियां शामिल रहीं। पूरे रास्ते जगह जगह पर आरती पूजन हुआ। भगवान कृष्ण बलदाऊ के दल की झलक पाने को छोटे बड़े सभी बेताब दिखे। बच्चों ने पिता के कंधे पर बैठकर नंदलाला के दर्शन किया। कान्हा का दल सुलेमसराय जयन्तीपुर, धूमनगंज, हरवारा, मीरापट्टी, ट्रांसपोर्ट नगर, मुंडेरा पहुंचा और उसी रास्ते होकर ठाकुरद्वारा पहुंचकर संपन्न हुआ। बड़े भइया बलदाऊ के साथ कन्हैया के दर्शन को बड़ी संख्या में लोग पूरी रात मेले में डटे रहे।
मेला क्षेत्र में जगह-जगह झूला, हिंडोला, समेत किसिम-किसिम के झूले लगे। सूबेदार गंज नेहरू नगर पार्क ट्रांसपोर्ट नगर में मनोरंजन के पूरे साधन मौजूद रहे। महिलाओं बच्चों के साथ बड़ों ने जमकर मेले का आनंद लिया।
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लुभाती रहीं लीला चौकियां
कान्हा के जुलूस में पच्चीस लीला चौकियां शामिल हुई। जिसमें कान्हा एवं शिव जी की लीला प्रसंगों को दर्शया गया था। शिव तांडव, शिव परिवार, राधाकृष्ण, कंस वध, पूतना वध, कृष्ण सुदामा प्रसंग, गोवर्धन उठाकर इंद्र का मान मर्दन आदि प्रसंग वाली चौकियों की प्रस्तुति लुभाती रही। भावविभोर श्रद्धालुओं के जयकारों से रास्ते गूंजते रहे।
मेले में लगी दुकानों पर चाट, मिठाई के अलावा घरेलू उपयोग की चीजों के अलावा शृंगार की सामग्री उपलब्ध रही। मेले में आने वालों ने जरूरत का कुछ न कुछ खरीदा। युवाओं की भीड़ जहां चाट की दुकानों पर थी वहीं बच्चों ने रामदाना, मूंगफली, सेव ,सोहन पपड़ी, घेवर अनरसा का स्वाद चखा। महिलाओं ने घरेलू जरूरत और शृंगार का सामान खरीदा।
समिति के महामंत्री सुभाष केशरवानी के अनुसार सोमवार की सुबह छह बजे कृष्ण बलदाऊ मिलन समारोह होगा। कान्हा के दल में शामिल होने वाली लीला चौकियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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यात्रा ठाकुरद्वारा सुलेमसराय में आरती पूजन के साथ आरंभ हुई। घंटा घड़ियाल शंखनाद के साथ भगवान की आरती समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र केशरवानी की देखरेख में हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीकृष्ण एवं बलदाऊ हाथी पर कसे चांदी हौदे में विराजे। जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी के जयकारे से ठाकुरद्वारा गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण और बलदाऊ दल में दर्जनों घोड़े ऊंट ध्वजा पताका, बैंडबाजा, पच्चीस लीला चौकियां शामिल रहीं। पूरे रास्ते जगह जगह पर आरती पूजन हुआ। भगवान कृष्ण बलदाऊ के दल की झलक पाने को छोटे बड़े सभी बेताब दिखे। बच्चों ने पिता के कंधे पर बैठकर नंदलाला के दर्शन किया। कान्हा का दल सुलेमसराय जयन्तीपुर, धूमनगंज, हरवारा, मीरापट्टी, ट्रांसपोर्ट नगर, मुंडेरा पहुंचा और उसी रास्ते होकर ठाकुरद्वारा पहुंचकर संपन्न हुआ। बड़े भइया बलदाऊ के साथ कन्हैया के दर्शन को बड़ी संख्या में लोग पूरी रात मेले में डटे रहे।
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मेला क्षेत्र में जगह-जगह झूला, हिंडोला, समेत किसिम-किसिम के झूले लगे। सूबेदार गंज नेहरू नगर पार्क ट्रांसपोर्ट नगर में मनोरंजन के पूरे साधन मौजूद रहे। महिलाओं बच्चों के साथ बड़ों ने जमकर मेले का आनंद लिया।
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लुभाती रहीं लीला चौकियां
कान्हा के जुलूस में पच्चीस लीला चौकियां शामिल हुई। जिसमें कान्हा एवं शिव जी की लीला प्रसंगों को दर्शया गया था। शिव तांडव, शिव परिवार, राधाकृष्ण, कंस वध, पूतना वध, कृष्ण सुदामा प्रसंग, गोवर्धन उठाकर इंद्र का मान मर्दन आदि प्रसंग वाली चौकियों की प्रस्तुति लुभाती रही। भावविभोर श्रद्धालुओं के जयकारों से रास्ते गूंजते रहे।
मेले में लगी दुकानों पर चाट, मिठाई के अलावा घरेलू उपयोग की चीजों के अलावा शृंगार की सामग्री उपलब्ध रही। मेले में आने वालों ने जरूरत का कुछ न कुछ खरीदा। युवाओं की भीड़ जहां चाट की दुकानों पर थी वहीं बच्चों ने रामदाना, मूंगफली, सेव ,सोहन पपड़ी, घेवर अनरसा का स्वाद चखा। महिलाओं ने घरेलू जरूरत और शृंगार का सामान खरीदा।
समिति के महामंत्री सुभाष केशरवानी के अनुसार सोमवार की सुबह छह बजे कृष्ण बलदाऊ मिलन समारोह होगा। कान्हा के दल में शामिल होने वाली लीला चौकियों को पुरस्कृत किया जाएगा।