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तीस विद्यालयों की मान्यता वापस लेने का आदेश
Allahabad
Updated Sun, 03 Aug 2014 05:30 AM IST
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इलाहाबाद, 2 अगस्त। जिले के 49 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की ओर से छात्रवृत्ति के मास्टर डाटा में विद्यालयों का स्टेटस विवरण अपलोड न किए जाने से इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित हो सकते हैं। अपलोडिंग का काम 31 जुलाई तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी यह काम पूरा न हो पाने के कारण छात्रवृत्ति के भुगतान पर संकट मंडराने लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम पी. गुरुप्रसाद ने सभी 49 विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश जारी कर दिया है।
यह कार्रवाई डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान की। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि 49 विद्यालयों में 19 वित्त पोषित (एडेड) हैं और 30 विद्यालय वित्त विहीन (नॉन एडेड) हैं। इस पर डीएम ने 19 वित्त पोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने और बाकी के 30 वित्त विहीन विद्यालयों की मान्यता वापस लेने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों के प्रबंधतंत्र को भी चेतावनी दी कि निर्धारित समय में मास्टर डाटा बेस में विद्यालयों का स्टेटस विवरण अपलोड नहीं हुआ तो उनके खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान यह मामला भी सामने आया कि कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल का कार्य अधूरा है। इसपर डीएम ने कार्यदायी संस्था जल निगम की सीऐंडडीएस शाखा के अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाई और हिदायत दी कि काम शीघ्र पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। ओवरहेड टैंक, पाइप लाइन और बोरिंग का काम अधूरा होने पर जल निगम के अधिशासी अभियंता को भी डीएम ने फटकार लगाई। इसके अलावा बेसिक शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में मिड डे मील का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अटल कुमार राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार आदि मौजूद रहे।
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत ब्लॉक में आए आठ हजार आवेदन अब तक ब्लॉक में ही अटके हुए हैं। एक बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जब डीएम पी. गुरुप्रसाद को यह जानकारी दी तो डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि एक हफ्ते में सभी आवेदन मंगाकर पात्रों को पेंशन भुगतान सुनिश्चित करें।
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यह कार्रवाई डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान की। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि 49 विद्यालयों में 19 वित्त पोषित (एडेड) हैं और 30 विद्यालय वित्त विहीन (नॉन एडेड) हैं। इस पर डीएम ने 19 वित्त पोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने और बाकी के 30 वित्त विहीन विद्यालयों की मान्यता वापस लेने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों के प्रबंधतंत्र को भी चेतावनी दी कि निर्धारित समय में मास्टर डाटा बेस में विद्यालयों का स्टेटस विवरण अपलोड नहीं हुआ तो उनके खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान यह मामला भी सामने आया कि कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल का कार्य अधूरा है। इसपर डीएम ने कार्यदायी संस्था जल निगम की सीऐंडडीएस शाखा के अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाई और हिदायत दी कि काम शीघ्र पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। ओवरहेड टैंक, पाइप लाइन और बोरिंग का काम अधूरा होने पर जल निगम के अधिशासी अभियंता को भी डीएम ने फटकार लगाई। इसके अलावा बेसिक शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में मिड डे मील का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अटल कुमार राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत ब्लॉक में आए आठ हजार आवेदन अब तक ब्लॉक में ही अटके हुए हैं। एक बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जब डीएम पी. गुरुप्रसाद को यह जानकारी दी तो डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि एक हफ्ते में सभी आवेदन मंगाकर पात्रों को पेंशन भुगतान सुनिश्चित करें।
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