{"_id":"8-49967","slug":"Allahabad-49967-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोरलेन के फेर में पगडंडी बन गया लखनऊ मार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोरलेन के फेर में पगडंडी बन गया लखनऊ मार्ग
Allahabad
Updated Mon, 28 Jul 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद। इलाहाबाद से लखनऊ को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग फाफामऊ के पास दस किलोमीटर तक पगडंडी बन गया है। फाफामऊ से लेकर मलाक हरहर तक सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि हर मिनट दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कोई दिन ऐसा नहीं कि वहां बड़े वाहन न फंसते हों। गड्ढों से बचाने के फेर में स्कूली बसें भी फंस चुकी हैं। इसी राजमार्ग से लखनऊ के लिए वीवीआईपी वाहन गुजरते हैं लेकिन किसी को लोगों की परेशानी की फिक्र नहीं है।
इलाहाबाद-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को दो चरणों में पूरा किया जाना है। इलाहाबाद में बालसन चौराहे से लेकर रायबरेली तक और रायबरेली से लखनऊ तक। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों के मुताबिक रायबरेली से लेकर लखनऊ तक फोरलेन का कार्य लगभग पूरा हो गया लेकिन बालसन चौराहे से लेकर रायबरेली के बीच चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो सका। इस बीच फाफामऊ में लगभग दस किमी की सड़क बेहद खराब हो गई है। इस सड़क पर इतने बड़े गड्ढे हो चुके हैं कि लगभग रोज बस या ट्रक उसमें फंस जाते हैं। जिसकी वजह से प्रतिदिन जाम लग जाता है। जिम्मेदार अधिकारी कह रहे हैं कि फोरलेन का काम शुरू होगा तो सड़क बन जाएगी। काम कब शुरू होगा, सड़क कब बनेगी, किसी को नहीं पता।
फाफामऊ से लेकर रायबरेली तक राजमार्ग क्षतिग्रस्त होने की वजह से लखनऊ का सफर छह घंटे में पूरा हो रहा है जो चार घंटे में पूरा होना चाहिए। इसके अलावा रोज कई वाहन इन गड्ढों के कारण खराब हो जाते हैं।
विज्ञापन
बालसन चौराहे से लेकर मलाक हरहर तक राजमार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। पिछले महाकुंभ के दौरान सर्वे भी कराया गया था। फाफामऊ पुल को भी फोरलेन की योजना है। सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। सर्वे संबंधी पत्रावली केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के पास लंबित हैं।
परेशानी लगातार बढ़ रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी नए सिरे से सड़क का निर्माण तो दूर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने की भी जहमत नहीं उठाना चाह रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया है कि फाफामऊ से मलाक हरहर तक राजमार्ग बेहद नीचा है। दोनाें तरफ निर्माण होने से सड़क पर पानी भर जाता है जिससे सड़क बर्बाद हो जाती है। सड़क को ऊंचा किए गए बगैर समस्या का समाधान नहीं हो सकता है और इसके लिए फोरलेन का इंजतार किया जा रहा है।
बालसन चौराहे से लेकर मलाक हरहर तक चौड़ीकरण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की है। वह काम क्यों नहीं कर रहा, इसकी जानकारी नहीं है।
सीएन द्विवेदी, परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
विज्ञापन
इलाहाबाद-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को दो चरणों में पूरा किया जाना है। इलाहाबाद में बालसन चौराहे से लेकर रायबरेली तक और रायबरेली से लखनऊ तक। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों के मुताबिक रायबरेली से लेकर लखनऊ तक फोरलेन का कार्य लगभग पूरा हो गया लेकिन बालसन चौराहे से लेकर रायबरेली के बीच चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो सका। इस बीच फाफामऊ में लगभग दस किमी की सड़क बेहद खराब हो गई है। इस सड़क पर इतने बड़े गड्ढे हो चुके हैं कि लगभग रोज बस या ट्रक उसमें फंस जाते हैं। जिसकी वजह से प्रतिदिन जाम लग जाता है। जिम्मेदार अधिकारी कह रहे हैं कि फोरलेन का काम शुरू होगा तो सड़क बन जाएगी। काम कब शुरू होगा, सड़क कब बनेगी, किसी को नहीं पता।
विज्ञापन
फाफामऊ से लेकर रायबरेली तक राजमार्ग क्षतिग्रस्त होने की वजह से लखनऊ का सफर छह घंटे में पूरा हो रहा है जो चार घंटे में पूरा होना चाहिए। इसके अलावा रोज कई वाहन इन गड्ढों के कारण खराब हो जाते हैं।
विज्ञापन
बालसन चौराहे से लेकर मलाक हरहर तक राजमार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। पिछले महाकुंभ के दौरान सर्वे भी कराया गया था। फाफामऊ पुल को भी फोरलेन की योजना है। सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। सर्वे संबंधी पत्रावली केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के पास लंबित हैं।
परेशानी लगातार बढ़ रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी नए सिरे से सड़क का निर्माण तो दूर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने की भी जहमत नहीं उठाना चाह रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया है कि फाफामऊ से मलाक हरहर तक राजमार्ग बेहद नीचा है। दोनाें तरफ निर्माण होने से सड़क पर पानी भर जाता है जिससे सड़क बर्बाद हो जाती है। सड़क को ऊंचा किए गए बगैर समस्या का समाधान नहीं हो सकता है और इसके लिए फोरलेन का इंजतार किया जा रहा है।
बालसन चौराहे से लेकर मलाक हरहर तक चौड़ीकरण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की है। वह काम क्यों नहीं कर रहा, इसकी जानकारी नहीं है।
सीएन द्विवेदी, परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण