{"_id":"8-34295","slug":"Allahabad-34295-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशीष त्यागी एनकाउंटर की जांच का आदेश रद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशीष त्यागी एनकाउंटर की जांच का आदेश रद
Allahabad
Updated Wed, 11 Sep 2013 05:35 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद। मेरठ में नौ वर्ष पूर्व हुए आशीष त्यागी एनकाउंटर केस की जांच सीबीसीआईडी से कराने के आदेश को हाईकोर्ट ने रद कर दिया है। कोर्ट ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि मुठभेड़ फर्जी थी। न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह और न्यायमूर्ति एके अग्रवाल ने एक पुलिस अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मात्र कल्पना के आधार पर किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती है।
पुलिस ने आशीष त्यागी को लूट की एक घटना के बाद पीछा करते हुए मुठभेड़ में मारा था। इस घटना में पुलिस के दो इंसपेक्टर अशोक कुमार सिंह और राजेंद्र सिंह भी घायल हुए थे। पुलिस की फायरिंग में आशीष त्यागी मारा गया। फाइनल रिपोर्ट सीजेएम ने मंजूर कर ली। मजिस्ट्रेट जांच में भी मुठभेड़ को सही पाया गया। इसके बावजूद मानवाधिकार आयोग की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीसीआई को सौंप दी। इसे डिप्टी एसपी रामसुरेश और अन्य ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कहा गया कि मुठभेड़ के फर्जी होने का कोई साक्ष्य नहीं है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए सीबीसीआईडी जांच का आदेश रद कर दिया।
उल्लेखनीय है कि 9/10 जून 2004 की रात मो. इकबाल नाम के व्यक्ति से 20 हजार रुपये और बाइक पिस्टल की नोक पर लूट ली गई। उसने टीपी नगर थाने को लूट की सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाई और लुटेरोें का पीछा किया। आशीष त्यागी और उसके साथियों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं। पुलिस की गोली से आशीष मारा गया जबकि उसका साथी भाग निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने आशीष त्यागी को लूट की एक घटना के बाद पीछा करते हुए मुठभेड़ में मारा था। इस घटना में पुलिस के दो इंसपेक्टर अशोक कुमार सिंह और राजेंद्र सिंह भी घायल हुए थे। पुलिस की फायरिंग में आशीष त्यागी मारा गया। फाइनल रिपोर्ट सीजेएम ने मंजूर कर ली। मजिस्ट्रेट जांच में भी मुठभेड़ को सही पाया गया। इसके बावजूद मानवाधिकार आयोग की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीसीआई को सौंप दी। इसे डिप्टी एसपी रामसुरेश और अन्य ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कहा गया कि मुठभेड़ के फर्जी होने का कोई साक्ष्य नहीं है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए सीबीसीआईडी जांच का आदेश रद कर दिया।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि 9/10 जून 2004 की रात मो. इकबाल नाम के व्यक्ति से 20 हजार रुपये और बाइक पिस्टल की नोक पर लूट ली गई। उसने टीपी नगर थाने को लूट की सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाई और लुटेरोें का पीछा किया। आशीष त्यागी और उसके साथियों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं। पुलिस की गोली से आशीष मारा गया जबकि उसका साथी भाग निकला।
विज्ञापन