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बालसन पर आरक्षण समर्थकों का जमावड़ा

Sat, 03 Aug 2013 05:33 AM IST
Allahabad
Allahabad Updated Sat, 03 Aug 2013 05:33 AM IST
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इलाहाबाद। आरक्षण व्यवस्था में बदलाव के समर्थन में प्रतियोगियों का आंदोलन एक बार फिर फैलने लगा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में युवाओं का बालसन चौराहा पर जमावड़ा हुआ। वहां से इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में ले जाने की घोषणा की र्गई। इसके लिए सभी जिलों में युवाओं से संपर्क का सिलसिला शुरू हो चुका है। इनके समर्थन में अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल भी धरना स्थल पर पहुंची। प्रतियोगियों ने मेडिकल कालेज तक कैंडल जुलूस भी निकाला। इससे तनाव भी बना रहा। इसके मद्देनजर भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी।
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मुख्यमंत्री से निराश लौटे प्रतियोगियों ने और तेज आंदोलन की घोषणा की थी। इसी के तहत पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार प्रतियोगियों का बालसन चौराहा पर जुटने का क्रम शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा। देर रात तक चली सभा में प्रतियोगी सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव तथा प्रदेश सरकार पर हमलावर रहे। उनका कहना था कि आरक्षण की नई व्यवस्था वापस लेने का प्रदेश सरकार का फैसला 85 फीसदी लोगों के खिलाफ है। इसके खिलाफ अंतिम दम तक लड़ाई होगी। सभा की अध्यक्षता छात्र नेता दिनेश सिंह यादव ने की। संचालन मनोज यादव ने किया। सभा को अजीत यादव, लालाराम सरोज, मनोज समाजसेवी, मुकुंद मौर्य आदि ने संबोधित किया।
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बेरोजगारी भत्ता, लैपटॉप वितरण योजना के जरिए युवाओं को लुभाने की कोशिश में जुटे समाजवादी पार्टी के लिए आरक्षण समर्थक प्रतियोगियों ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। नई व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन अब पूरी तरह से प्रदेश सरकार विरोधी हो गया है। अखिलेश सरकार के लिए मुश्किल यह है कि उनका यह अभियान अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव तक चलेगा। इसके लिए प्रतियोगियों ने प्रदेश सरकार विरोधी पर्चे भी छपवाए हैं।
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मुलायम सिंह यादव के हस्तक्षेप के बाद आरक्षण व्यवस्था में बदलाव का आदेश वापस लेने के बाद से ही आरक्षण समर्थकों में सपा तथा पार्टी नेताओं के खिलाफ गुस्सा है। मुख्यमंत्री से असफल वार्ता के बाद उनका गुस्सा और भड़क गया है। वार्ता में शामिल छात्र नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांग तो नहीं ही मानीं, अखिलेश यादव का रुख भी काफी नकारात्मक रहा। प्रतियोगियों का कहना है कि इस तरह की वार्ता की उन्हें कतई उम्मीद नहीं थी। इससे नाराज प्रतियोगियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। प्रतियोगियों की इस लड़ाई में अपना दल के नेताओं के कूद पड़ने से इस आंदोलन को और हवा मिलती दिख रही है। दिनेश यादव, मनोज यादव आदि नेताओं का कहना है कि अखिलेश सरकार का यह रुख दलितों और पिछड़ों के खिलाफ है। प्रतियोगी मनोज समाजसेवी ने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश भर में चलने वाले आंदोलन के दौरान अखिलेश सरकार के खिलाफ माहौल तैयार किया जाएगा।
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