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चोरी की तीन कार समेत चार गिरफ्तार
Allahabad
Updated Fri, 28 Jun 2013 05:30 AM IST
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फाफामऊ। चारपहिया गाड़ियां चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से इंडिगो कार समेत तीन गाड़ियां मिली हैं। पकड़े गए लोगों में एक शख्स प्रतापगढ़ के बिहार इलाके से ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ चुका है। पुलिस को इस गिरोह के सरगना की तलाश है, जो लंबे समय से यूपी से लेकर एमपी, बिहार, दिल्ली तक जाकर गाड़ियां चुराकर बेचने का गोरखधंधा करता रहा है। वह प्रतापगढ़ के लालगंज इलाके का रहने वाला है।
दरअसल, फाफामऊ पुलिस चार रोज पहले कस्बे से चोरी गई बोलेरो की तलाश में भटक रही थी। यह बोलेरो जौनपुर के संजय जायसवाल की थी। वह 22 जून को अपने रिश्तेदार सचिन जायसवाल के यहां आए थे। रात में बोलेरो घर के बाहर से चोरी हो गई थी। बुधवार रात मुखबिर की खबर पर एसओ सोरांव संजय शर्मा ने फाफामऊ चौकी प्रभारी सत्येंद्र सिंह, सिपाहियों रायबहादुर, अशोक पांजेय, मनोज सिंह आदि के साथ गोहरी के पास घेराबंदी की। वहां बोलेरो के साथ दो लोगों को पकड़ लिया गया। इनमें मऊआइमा में बालाडीह गांव निवासी पवन अग्रहरि उर्फ गांधी और जेठवारा (प्रतापगढ़) के सराय देवराय का रामकिशोर गौतम उर्फ लड्डू है। रामकिशोर के बारे में पुलिस ने बताया कि उसने पिछली बार प्रतापगढ़ के बिहार में ब्लाक प्रमुख चुनाव लड़ा था। वह 28 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहा। उन दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने रात में ही होलागढ़ के चौबाराडीह गांव के सुशील श्रीवास्तव उर्फ रिशू और होलागढ़ में हुलासगंज के विनोद जायसवाल उर्फ पप्पन को सैंट्रो तथा इंडिगो कार के साथ दबोच लिया। पुलिस को गिरफ्तार लोगों के कब्जे से दर्जनों चाभियां और रेती भी मिली है। वे रेती से घिसकर डुप्लीकेट चाभी तैयार करते थे। पुलिस का कहना है कि 22 जून की रात फाफामऊ कस्बे से बोलेरो गाड़ी पवन और रामकिशोर ने चोरी की थी। बाकी दोनों कार के बारे में गिरफ्तार वाहन चोरों ने बताया कि इन गाड़ियों को उनके गैंग का मुखिया शकील उर्फ मुमताज चुराकर लाया था। वह प्रतापगढ़ में लालगंज इलाके के बरिस्ता गांव का रहने वाला है। उसने दोनों कार सुशील और विनोद को ग्राहकों को दिखाकर सौदा तय करने के लिए दिया था। शकील कई राज्यों से दर्जनों गाड़ियां चुराकर बेच चुका है। वह फरार है।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य गाड़ी चोरी में अलग-अलग काम में माहिर हैं। ब्लाक प्रमुख चुनाव लड़ चुका रामकिशोर गौतम गाड़ियों की डुप्लीकेट चाभी बनाता है तो पवन अग्रहरि चोरी की गाड़ी ठिकाने लगाने का काम करता रहा है। सुशील श्रीवास्तव आरटीओ कार्यालय में अपनी पहुंच के जरिए चोरी की गाड़ियों के नकली कागजात बनवाता था। इनका सरगना शकील चुराने के लिए गाड़ियां चिन्हित करता था। पुलिस ने बताया कि फरार गैंग सरगना शकील उर्फ मुमताज की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने ढाई हजार रुपये का पुरस्कार घोषित कर दिया है।
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दरअसल, फाफामऊ पुलिस चार रोज पहले कस्बे से चोरी गई बोलेरो की तलाश में भटक रही थी। यह बोलेरो जौनपुर के संजय जायसवाल की थी। वह 22 जून को अपने रिश्तेदार सचिन जायसवाल के यहां आए थे। रात में बोलेरो घर के बाहर से चोरी हो गई थी। बुधवार रात मुखबिर की खबर पर एसओ सोरांव संजय शर्मा ने फाफामऊ चौकी प्रभारी सत्येंद्र सिंह, सिपाहियों रायबहादुर, अशोक पांजेय, मनोज सिंह आदि के साथ गोहरी के पास घेराबंदी की। वहां बोलेरो के साथ दो लोगों को पकड़ लिया गया। इनमें मऊआइमा में बालाडीह गांव निवासी पवन अग्रहरि उर्फ गांधी और जेठवारा (प्रतापगढ़) के सराय देवराय का रामकिशोर गौतम उर्फ लड्डू है। रामकिशोर के बारे में पुलिस ने बताया कि उसने पिछली बार प्रतापगढ़ के बिहार में ब्लाक प्रमुख चुनाव लड़ा था। वह 28 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहा। उन दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने रात में ही होलागढ़ के चौबाराडीह गांव के सुशील श्रीवास्तव उर्फ रिशू और होलागढ़ में हुलासगंज के विनोद जायसवाल उर्फ पप्पन को सैंट्रो तथा इंडिगो कार के साथ दबोच लिया। पुलिस को गिरफ्तार लोगों के कब्जे से दर्जनों चाभियां और रेती भी मिली है। वे रेती से घिसकर डुप्लीकेट चाभी तैयार करते थे। पुलिस का कहना है कि 22 जून की रात फाफामऊ कस्बे से बोलेरो गाड़ी पवन और रामकिशोर ने चोरी की थी। बाकी दोनों कार के बारे में गिरफ्तार वाहन चोरों ने बताया कि इन गाड़ियों को उनके गैंग का मुखिया शकील उर्फ मुमताज चुराकर लाया था। वह प्रतापगढ़ में लालगंज इलाके के बरिस्ता गांव का रहने वाला है। उसने दोनों कार सुशील और विनोद को ग्राहकों को दिखाकर सौदा तय करने के लिए दिया था। शकील कई राज्यों से दर्जनों गाड़ियां चुराकर बेच चुका है। वह फरार है।
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पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य गाड़ी चोरी में अलग-अलग काम में माहिर हैं। ब्लाक प्रमुख चुनाव लड़ चुका रामकिशोर गौतम गाड़ियों की डुप्लीकेट चाभी बनाता है तो पवन अग्रहरि चोरी की गाड़ी ठिकाने लगाने का काम करता रहा है। सुशील श्रीवास्तव आरटीओ कार्यालय में अपनी पहुंच के जरिए चोरी की गाड़ियों के नकली कागजात बनवाता था। इनका सरगना शकील चुराने के लिए गाड़ियां चिन्हित करता था। पुलिस ने बताया कि फरार गैंग सरगना शकील उर्फ मुमताज की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने ढाई हजार रुपये का पुरस्कार घोषित कर दिया है।
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