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सजा दरबार, हर कोई आया ललिता द्वार
Allahabad
Updated Mon, 15 Apr 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन देवी का चौथे कूष्मांडा स्वरूप में दर्शन, पूजन किया गया। महाशक्तिपीठ ललिता देवी मंदिर में जयकारों के बीच देवी के पूजन, अभिषेक और शृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगीं। मंदिर परिसर में मुंडन, कर्णछेदन, नामकरण संस्कार के लिए भी भक्तों की टोलियां आती रहीं।
शक्तिपीठ में अनेक अनुष्ठानों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा नीलिमा सिंह का भगवती जागरण। इस मौके पर कलाकारों ने शेरावाली मां का दर्शन करने मैं भी आऊंगी से शुरुआत करके समां बांधने के बाद एक से बढ़कर एक गीत, भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। महामंत्री धीरज नागर के मुताबिक सोमवार को भगवती का कात्यायनी स्वरूप में शृंगार किया जाएगा।
शक्तिपीठ कल्याणी देवी मंदिर में श्यामजी पाठक की देखरेख में देवी का नए रूप में शृंगार किया गया। दसभुजा स्वरूप में शेर पर सवार देवी ने कई तरह के अस्त्र शस्त्र धारण किए। सोने के मुखौटे और हारों केअतिरिक्त देवी के वस्त्रों पर गोल्डेन नग, मोती जड़े रहे। देवी के मंडप को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया। दिलीप पाठक और पप्पनजी टंडन की देखरेख में श्रद्धालुओं की टोली ने व्यवस्था संभाली।
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सिविल लाइंस रोडवेज के सामने स्थित सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ में आचार्य कुशमुनि की देखरेख में तांत्रिक पद्धति से देवी का पूजन करने के बाद उन्हें सिंदूर और गुलाबों की माला चढ़ाई गई। अलोपीदेवी मंदिर और शक्तिपीठ खेमामाई मंदिर में भी मनोहारी शृंगार सहित शतचंडी महायज्ञ, पाठ, कीर्तन और अन्य अनुष्ठान हुए। इसी तरह हाईकोर्ट पानी टंकी के अष्टभुजी मंदिर, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर की अष्टभुजी देवी, टीबी सप्रू रोड स्थित एस्ट्रो प्रयाग आश्रम, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, मुट्ठीगंज, कर्नलगंज, कटरा कालीबाड़ी, समया माई मंदिर में भी पूजन, दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी।
ललिता देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा के मुताबिक सप्तमी पर 17 अप्रैल को देवी के कालरात्रि स्वरूप का बर्फ और विभिन्न प्रकार के फूलों से शृंगार किया जाएगा।
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शक्तिपीठ में अनेक अनुष्ठानों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा नीलिमा सिंह का भगवती जागरण। इस मौके पर कलाकारों ने शेरावाली मां का दर्शन करने मैं भी आऊंगी से शुरुआत करके समां बांधने के बाद एक से बढ़कर एक गीत, भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। महामंत्री धीरज नागर के मुताबिक सोमवार को भगवती का कात्यायनी स्वरूप में शृंगार किया जाएगा।
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शक्तिपीठ कल्याणी देवी मंदिर में श्यामजी पाठक की देखरेख में देवी का नए रूप में शृंगार किया गया। दसभुजा स्वरूप में शेर पर सवार देवी ने कई तरह के अस्त्र शस्त्र धारण किए। सोने के मुखौटे और हारों केअतिरिक्त देवी के वस्त्रों पर गोल्डेन नग, मोती जड़े रहे। देवी के मंडप को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया। दिलीप पाठक और पप्पनजी टंडन की देखरेख में श्रद्धालुओं की टोली ने व्यवस्था संभाली।
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सिविल लाइंस रोडवेज के सामने स्थित सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ में आचार्य कुशमुनि की देखरेख में तांत्रिक पद्धति से देवी का पूजन करने के बाद उन्हें सिंदूर और गुलाबों की माला चढ़ाई गई। अलोपीदेवी मंदिर और शक्तिपीठ खेमामाई मंदिर में भी मनोहारी शृंगार सहित शतचंडी महायज्ञ, पाठ, कीर्तन और अन्य अनुष्ठान हुए। इसी तरह हाईकोर्ट पानी टंकी के अष्टभुजी मंदिर, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर की अष्टभुजी देवी, टीबी सप्रू रोड स्थित एस्ट्रो प्रयाग आश्रम, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, मुट्ठीगंज, कर्नलगंज, कटरा कालीबाड़ी, समया माई मंदिर में भी पूजन, दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी।
ललिता देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा के मुताबिक सप्तमी पर 17 अप्रैल को देवी के कालरात्रि स्वरूप का बर्फ और विभिन्न प्रकार के फूलों से शृंगार किया जाएगा।