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आफत के बाद राहत कार्यो में जुटा मेला प्रशासन
Allahabad
Updated Mon, 18 Feb 2013 05:30 AM IST
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इलाहाबाद। बेमौसम की मूसलाधार बारिश और कुंभ मेला क्षेत्र में जबरदस्त जलभराव के चलते श्रद्धालुओं-कल्पवासियों की हुई फजीहत के बाद मेला प्रशासन हरकत में आया है। मंडलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने मेला प्रशासन के तमाम आला अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की है। मंडलायुक्त ने जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि वह चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखें। बैठक में मौजूद जलनिगम के अधिकारियों ने बताया कि जलभराव वाले इलाकों में जलनिकासी के लिए 109 पंपिंग सेट लगाए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 14 पंप अखाड़ों में हुए जलभराव के लिए लगाए गए हैं। आंधी और बारिश के दौरान मेला क्षेत्र में बाधित बिजली आपूर्ति को लेकर भी मंडलायुक्त ने विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली तो बताया कि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो इसके लिए बिजली काट दी गई थी। बारिश से धराशायी खंभों को खड़ा करने के साथ ही टूटे तारों को ठीक किया जा रहा है। बैठक में उपस्थित पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मेला क्षेत्र में जहां भी चकर्ड प्लेटें धंस गई और जलभराव हो गया है उन्हें तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि श्रद्घालुओं के साथ किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो। मंडलायुक्त ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन कल्पवासियों के खाद्यान्न भीग गए हैं उन्हें अतिरिक्त परमिट देते हुए 15 दिन के लिए 10 किलो आटा, साढ़े सात किलो चावल, एक किलो चीनी और ढाई लीटर मिट्टी का तेल उपलब्ध कराया जाए।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 14 पंप अखाड़ों में हुए जलभराव के लिए लगाए गए हैं। आंधी और बारिश के दौरान मेला क्षेत्र में बाधित बिजली आपूर्ति को लेकर भी मंडलायुक्त ने विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली तो बताया कि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो इसके लिए बिजली काट दी गई थी। बारिश से धराशायी खंभों को खड़ा करने के साथ ही टूटे तारों को ठीक किया जा रहा है। बैठक में उपस्थित पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मेला क्षेत्र में जहां भी चकर्ड प्लेटें धंस गई और जलभराव हो गया है उन्हें तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि श्रद्घालुओं के साथ किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो। मंडलायुक्त ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन कल्पवासियों के खाद्यान्न भीग गए हैं उन्हें अतिरिक्त परमिट देते हुए 15 दिन के लिए 10 किलो आटा, साढ़े सात किलो चावल, एक किलो चीनी और ढाई लीटर मिट्टी का तेल उपलब्ध कराया जाए।
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