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जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर फैसला आज

Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
Allahabad
Allahabad Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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इलाहाबाद। जिला पंचायत अध्यक्ष केशरी देवी पटेल के खिलाफ 12 नवंबर को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक होनी है। केशरी देवी को उनकी कुर्सी से हटाने के लिए सपाइयों ने पूरा जोर लगा दिया है। जोड़तोड़ शुरू कर दी गई है। अविश्वास प्रस्ताव के एक दिन पहले रविवार को पंचायतों में देर रात तक हलचल मची रही। जिला पंचायत में कुल 75 सदस्य हैं और केशरी देवी को हटाने के लिए आधे से ज्यादा यानी न्यूनतम 38 सदस्यों की सहमति चाहिए। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कोई बवाल न हो, इसके लिए जिला पंचायत परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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हालांकि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शुुरू से ही विवाद रहा। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सपा की रेखा सिंह के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने जिस दिन डीएम को जिला पंचायत के 52 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला आवेदन पत्र सौंपा, उसी दिन जिला पंचायत अध्यक्ष केशरी देवी ने आरोप लगा दिया कि ज्ञापन पर सदस्यों के हस्ताक्षर फर्जी हैं। बाद में डीएम राजशेखर ने हस्ताक्षरों का परीक्षण कराया और रेखा सिंह सहित 52 सदस्यों की मांग पर केशरी देवी पटेल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक की तारीख घोषित कर दी। तिथि तय होने के बाद से ही जोड़तोड़ का खेल शुरू हो गया। बसपा और सपा ने पंचायत सदस्यों को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। धनबल और बाहुबल का जमकर इस्तेमाल हुआ। बात बढ़ी तो बसपाइयों ने डीएम, डीआईजी और आईजी कार्यालय में धरना-प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि सपा के लोग पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए उन्हें डरा-धमका रहे हैं जबकि सपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि केशरी देवी अपनी संभावित हार से हड़बड़ा गई हैं और गलत आरोप लगा रही हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर तनातनी बढ़ने के कारण ही प्रशासन को 12 नवंबर को जिला पंचायत सभागार में आयोजित होने वाली अविश्वास प्रस्ताव की बैठक के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने पड़े। बैठक सोमवार सुबह 11 बजे शुरू होगी। बवाल की आशंका के मद्देनजर जिला पंचायत परिसर को चारों तरफ से बैरिकेडिंग कर घेर दिया गया है। बैठक की पारदर्शिता बनी रहे, सो जिला जज ने बैठक की अध्यक्षता करने के लिए सिविल जज को नामित कर दिया है।
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अविश्वास प्रस्ताव की आड़ में जगी दिवाली
जिला पंचायत के कई सदस्यों के लिए दिवाली अबकी खास हो गई। सूत्रों के मुताबिक पंचायत सदस्यों को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए बाहुबल के साथ धनबल का भी जमकर इस्तेमाल किया गया। धनतेरस पर दो दर्जन पंचायत सदस्यों पर खूब धनवर्षा हुई। पंचायत सदस्यों को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए एक-एक सदस्य पर तीन से पांच लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इनमें से कुछ सदस्यों को तो लग्जरी वाहन तक देने का वादा किया गया है। सबसे ज्यादा चांदी निर्दलीयों की रही, जिन्हें साल भर कोई नहीं पूछता लेकिन अब उनमें से कुछ निर्दलीयों को अपनी अहमियत का एहसास हो गया है और वे इस मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। अब उन्हें पार्टियों की नहीं बल्कि पार्टियों को उनकी जरूरत है।
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