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गांधीवादी विचारक प्रो. बनवारी लाल शर्मा नहीं रहे
Allahabad
Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
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इलाहाबाद। जाने माने गणितज्ञ, गांधीवादी चिंतक और आजादी बचाओ आंदोलन के संस्थापक प्रो. बनवारी लाल शर्मा का बुधवार प्रात: चंडीगढ़ पीजीआई में निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे। प्रो. शर्मा इन दिनों हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमांचल प्रदेश के आजादी बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की यात्रा पर निकले थे। हरियाणा की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद प्रो. शर्मा हरियाणा के कार्यकर्ता यशवीर आर्या के साथ चंडीगढ़ पहुंचे थे, जहां अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया गया। बुधवार सुबह उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को रसूलाबाद घाट पर किया जाएगा।
उनके निधन पर शिक्षा जगत, सर्वहारा वर्ग तथा सामाजिक सेवा से जुड़े विभिन्न संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। निधन पर इलाहाबाद डिवीजनल इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष अविनाश कुमार मिश्र ने कहा कि प्रो. शर्मा न केवल विश्वस्तरीय गणितज्ञ थे बल्कि आज के समय के बहुत बड़े क्रांतिकारी थे। उनके निधन पर इलाहाबाद के साहित्य कर्मियों, रंगकर्मी, ट्रेड यूनियन, छात्र, किसान, मजदूर संगठनों की तरफ से हरिश्चंद्र द्विवेदी, आलोक बोस, ओपी मालवीय ने शोक व्यक्त किया है। गांधी अकादमिक संस्थान और सामाजिक एकता परिषद की ओर से प्रो. शर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। गांधी अकादमिक संस्थान के ओम प्रकाश शुक्ल ने कहा कि कहा कि उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने गांधी अकादमिक संस्थान को हमेशा संबल प्रदान किया।
प्रो. शर्मा का जन्म 20 मई 1935 को फिरोजाबाद जिले के बनकट गांव में हुआ था। आरंभिक शिक्षा फिरोजाबाद से पूरी करने के बाद उन्होंने बीएससी, एमएससी की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में गणित विभाग के अध्यक्ष रहने के साथ गांधी भवन के निदेशक भी रहे। उन्होंने स्वराज विद्यापीठ की भी स्थापना की।
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उनके निधन पर शिक्षा जगत, सर्वहारा वर्ग तथा सामाजिक सेवा से जुड़े विभिन्न संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। निधन पर इलाहाबाद डिवीजनल इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष अविनाश कुमार मिश्र ने कहा कि प्रो. शर्मा न केवल विश्वस्तरीय गणितज्ञ थे बल्कि आज के समय के बहुत बड़े क्रांतिकारी थे। उनके निधन पर इलाहाबाद के साहित्य कर्मियों, रंगकर्मी, ट्रेड यूनियन, छात्र, किसान, मजदूर संगठनों की तरफ से हरिश्चंद्र द्विवेदी, आलोक बोस, ओपी मालवीय ने शोक व्यक्त किया है। गांधी अकादमिक संस्थान और सामाजिक एकता परिषद की ओर से प्रो. शर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। गांधी अकादमिक संस्थान के ओम प्रकाश शुक्ल ने कहा कि कहा कि उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने गांधी अकादमिक संस्थान को हमेशा संबल प्रदान किया।
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प्रो. शर्मा का जन्म 20 मई 1935 को फिरोजाबाद जिले के बनकट गांव में हुआ था। आरंभिक शिक्षा फिरोजाबाद से पूरी करने के बाद उन्होंने बीएससी, एमएससी की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में गणित विभाग के अध्यक्ष रहने के साथ गांधी भवन के निदेशक भी रहे। उन्होंने स्वराज विद्यापीठ की भी स्थापना की।
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