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सीएमपी में फर्जी प्रमाण पत्र पर पाई नौकरी, शुरू हुई जांच
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एसटी का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर ली नौकरी, प्राचार्य शुरू कराई जांच
0 कॉलेज प्रशासन की ओर से नवनियुक्त शिक्षक से मांगा जवाब
0 डॉ. आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी की शिकायत में मामला सामने आया
प्रयागराज। सीएमपी के विधि संकाय में नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्यवान कुमार नायक की ओर से अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। डॉ. आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के रामबृज गौतम की सीएमपी प्रबंधन से शिकायत के बाद जांच शुरू हो गई है। इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य की ओर से नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफसर डॉ. सत्यवान कुमार नायक को पत्र लिखकर इस बारे में जवाब मांगा गया। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने के बाद प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार ने गोरखपुर जनपद जहां से एसटी का प्रमाण पत्र जारी हुआ है, वहां पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। सीएमपी प्राचार्य ने असिस्टेंट प्रोफेसर को भी पत्र लिखकर उनसे कंप्यूटराइज जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा है। इस बारे में डॉ. सत्यवान कुमार नायक ने कॉलेज प्रशासन से चुनाव बाद कंप्यूटराइज प्रमाण पत्र जमा करने का आश्वासन दिया है। कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि प्रारंभिक जांच में जब जाति प्रमाण पत्र के बारे में मिली जानकारी संदिग्ध पाई गई तो उनकी ओर से शिक्षक के बारे में आरटीआई से जानकारी मांगने वाली संस्था को जानकारी देने केसाथ जांच शुरू की गई है। इस मामले को लेकर शिकायत करने वाले डॉ. आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के रामबृज गौतम ने आरोप लगाया है कि ‘नायक’ गोरखपुर में ब्राह्मण जाति में आते हैं। नवनियुक्त शिक्षक नायक जाति का होने के बाद भी एसटी का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर कॉलेज में नौकरी हथिया ली, उसने न सिर्फ प्रबंधतंत्र बल्कि शासन को भी धोखा दिया है। उन्होंने जांच कर शिक्षक को हटाने की मांग की है।
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0 कॉलेज प्रशासन की ओर से नवनियुक्त शिक्षक से मांगा जवाब
0 डॉ. आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी की शिकायत में मामला सामने आया
प्रयागराज। सीएमपी के विधि संकाय में नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्यवान कुमार नायक की ओर से अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। डॉ. आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के रामबृज गौतम की सीएमपी प्रबंधन से शिकायत के बाद जांच शुरू हो गई है। इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य की ओर से नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफसर डॉ. सत्यवान कुमार नायक को पत्र लिखकर इस बारे में जवाब मांगा गया। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने के बाद प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार ने गोरखपुर जनपद जहां से एसटी का प्रमाण पत्र जारी हुआ है, वहां पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। सीएमपी प्राचार्य ने असिस्टेंट प्रोफेसर को भी पत्र लिखकर उनसे कंप्यूटराइज जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा है। इस बारे में डॉ. सत्यवान कुमार नायक ने कॉलेज प्रशासन से चुनाव बाद कंप्यूटराइज प्रमाण पत्र जमा करने का आश्वासन दिया है। कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि प्रारंभिक जांच में जब जाति प्रमाण पत्र के बारे में मिली जानकारी संदिग्ध पाई गई तो उनकी ओर से शिक्षक के बारे में आरटीआई से जानकारी मांगने वाली संस्था को जानकारी देने केसाथ जांच शुरू की गई है। इस मामले को लेकर शिकायत करने वाले डॉ. आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के रामबृज गौतम ने आरोप लगाया है कि ‘नायक’ गोरखपुर में ब्राह्मण जाति में आते हैं। नवनियुक्त शिक्षक नायक जाति का होने के बाद भी एसटी का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर कॉलेज में नौकरी हथिया ली, उसने न सिर्फ प्रबंधतंत्र बल्कि शासन को भी धोखा दिया है। उन्होंने जांच कर शिक्षक को हटाने की मांग की है।