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मु स्लिम बोर्डिंग में रैगिंग

Tue, 22 Aug 2017 07:55 PM IST
Updated Tue, 22 Aug 2017 07:55 PM IST
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मु स्लिम बोर्डिंग में रैगिंग
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मुस्लिम बोर्डिंग में रैगिंग, मुकदमा दर्ज
0 छात्र ने एंटी रैगिंग सेल दिल्ली, चीफ प्रॉक्टर से की शिकायत
0 हॉस्टल के जूनियर छात्रों को प्रताड़ित किए जाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल में बीए प्रथम वर्ष के कई छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है। इनमें से एक छात्र ने एंटी रैगिंग सेल, दिल्ली में शिकायत की। साथ ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर से भी लिखित शिकायत की। छात्र ने रैगिंग करने वालों के नाम भी बताए और आरोप लगाया कि ये सभी छात्र हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे हैं। एंटी रैगिंग सेल से इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के रजिस्ट्रार को पत्र जारी होने के बाद चीफ प्रॉक्टर की ओर से मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
बीए प्रथम वर्ष के छात्र हसन अली ने अपनी शिकायत में कहा है कि मुस्मिल बोर्डिंग हॉस्टल में रहने वाले जूनियर छात्रों की रैगिंग की जा रही है। कुछ सीनियर छात्र एक-एक करके जूनियर छात्रों को बुलाते हैं और उनका शारीरिक एवं मानसिक शोषण करते हैं। यह सिलसिला तीन-चार दिनों से चल रहा है। ज्यादातर सीनियर छात्र हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहे हैं। हसन अली ने सीनियर छात्र जाहिद, सुफियान, हुसैन, इरफान, वकील, कमर जफर, आकिब खान, इमरान शेख, अफरोज, सदाकत खान, सज्जाद और दिलशाद पर रैगिंग करने का आरोप लगाया है। छात्र ने यह आरोप भी लगाया है कि हॉस्टल के सुप्रीटेंडेंट से शिकायत करने पर जवाब मिला कि यह तो सामान्य प्रक्रिया है। सुप्रीटेंडेंट ने इस मामले में अपने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की। फिलहाल रैगिंग का यह मामला गंभीर रूप ले चुका है, क्योंकि शिकायत सीधे एंटी रैगिंग सेल, दिल्ली से की गई है और अब सरकार की इस पर नजर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने मुकदमा दर्ज करा दिया है। साथ ही हॉस्टल के अधीक्षक को पत्र जारी कर मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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कमेटी करेगी मामले की जांच
- रैगिंग की शिकायत सामने आने के बाद 14 सदस्यीय कमेटी इसकी जांच करेगी। अगर जांच में आरोपित छात्र दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें इविवि से निष्कासित कर दिया जाएगा। साथ ही उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। कुलपति समेत एडीएम सिटी, एसपी सिटी, पत्रकार, गार्जियन ऑफ स्टूडेंट, प्रोफेसर, एससी वर्ग के प्रोफेसर, महिला प्रोफेसर, प्रॉक्टोरियल बोर्ड के तीन प्रतिनिधि आदि इस जांच समिति के सदस्य होते हैं। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने बताया कि अगली कार्रवाई जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
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