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Prayagraj : एसआरएन में बगैर इस्तेमाल किए ही खराब हो गए 90 फीसदी वेंटिलेटर, रखरखाव में भी बरती गई लापरवाही

Sat, 30 Nov 2024 01:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 30 Nov 2024 01:46 PM IST
सार

बंगलूरू की भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड ने 153 वेंटिलेटरों का सर्वे किया। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 90 फीसदी वेंटिलेटरों में ऑक्सीजन सेंसर के साथ बैटरी की खराबी व अन्य समस्याएं भी हैं। अब मेडिकल कॉलेज इन वेंटिलेटराें को ठीक कराने के लिए वर्क ऑर्डर तैयार करा रहा है।

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90 percent ventilators in SRN got spoiled without being used, negligence was also done in maintenance.
ऑक्सीजन वेंटीलेटर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) को पीएम केयर फंड से मिले वेंटिलेटर बैगर इस्तेमाल किए ही खराब हो गए हैं। सर्वे के दौरान 90 फीसदी वेंटिलेटरों के ऑक्सीजन सेंसर खराब मिले हैं। कार्यदायी संस्था के मुताबिक रखरखाव में लापरवाही बरतने और प्रयोग न करने की वजह से वेंटिलेटरों में खराबी आई है। संस्था ने रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज को सौंपी है।

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बंगलूरू की भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड ने 153 वेंटिलेटरों का सर्वे किया। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 90 फीसदी वेंटिलेटरों में ऑक्सीजन सेंसर के साथ बैटरी की खराबी व अन्य समस्याएं भी हैं। अब मेडिकल कॉलेज इन वेंटिलेटराें को ठीक कराने के लिए वर्क ऑर्डर तैयार करा रहा है। इनकी मरम्मत में आने वाले खर्च का ब्योरा भी मेडिकल कॉलेज को भेजा जाएगा। फिर इन्हें ठीक कराने की कवायद शुरू होगी।
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दरअसल कोरोना संक्रमण के दूसरे चरण में एमएलएन मेडिकल कॉलेज को पीएम केयर फंड के तहत 153 वेंटिलेटर मिले थे। लेकिन, सिर्फ दस फीसदी ही इस्तेमाल में लाए गए, बाकी स्टोर रूम व अस्पताल के अन्य जगहों पर रख दिए गए। लगभग दो साल तक वेंटिलेटरों पर धूल की परतें जमती रहीं। वहीं, सितंबर में सर्वे का काम शुरू हुआ जो नवंबर में पूरा हुआ। सर्वे में लगभग 2.20 लाख रुपये खर्च हुए।

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पांच लाख है वेंटिलेटर की कीमत

कोरोना काल में आए वेंटिलेटरों भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने बनाया था। भारत में बने एक वेंटिलेटर की कीमत लगभग पांच लाख रुपये रखी गई। हालांकि कोरोना संक्रमण के दौरान सरकारी संस्थानों में इन्हें निशुल्क मुहैया कराया गया।

वेंटिलेटरों के सर्वे का काम पूरा हो चुका है। कुछ वेंटिलेटरों में थोड़ी समस्या है, जिसे ठीक कराया जाएगा। जल्द ही कॉलेज की तरफ से वर्क ऑर्डर तैयार कर दिया जाएगा। -डॉ. वत्सला मिश्रा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज। 

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