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खेलकूद में अव्वल आने वालों को विशेष प्रोत्साहन राशि
Updated Mon, 09 Oct 2017 07:31 PM IST
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खेलकूद में अव्वल आने वाले छात्रों को विशेष प्रोत्साहन राशि
0 63वीं प्रदेशीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के उद्घाटन पर बोले उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
0 कहा, यूपी बोर्ड में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम जल्द, सीबीएसई-यूपी बोर्ड की शिक्षा में आएगी समानता
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
विद्यालयों में खेलकूद हों और इसके जरिए छात्र-छात्राएं देश-विदेश में नाम करें, यह आज की आवश्यकता है। प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है। विद्यालयों को खेलों से आवश्यक रूप से जोड़े जाने की जरूरत है। ये बातें सोमवार को मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में 63वीं प्रदेशीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने कही।
डॉ. शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड में नौवीं से 12वीं तक जल्द ही एनसीईआरटी पैटर्न लागू हो जाएगा। इसके जरिए सीबीएसई और यूपी बोर्ड की शिक्षा में समानता आएगी। इसी प्रकार माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे जब विद्यार्थी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेंगे तो उनके पास व्यावसायिक शिक्षा के जरिए कौशल विकास का भी अनुभव होगा।
मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आज तेजी से परिवर्तन हो रहा है। पढ़ाई के लिए वर्ष में 220 दिन तय हैं। इसमें से दो सौ दिन पढ़ाई हो और 20 दिन ऐसे हों जिसमें विद्यार्थी शिक्षकों से आवश्यक चीजें जान और समझ सकें। सरकार का प्रयत्न है कि पाठ्यक्रम सरल हो उसमें राष्ट्रीयता का बोध हो। इसके साथ शारीरिक शिक्षा का समावेश हो। इसी के तहत फिजिकल एजूकेशन में योग को जोड़ा गया, ताकि विद्यार्थियों का शरीर स्वस्थ हो।
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छात्राओं को दिया जा रहा ताइक्वांडो का प्रशिक्षण
राजकीय विद्यालयों में छात्राओं के लिए ताइक्वांडो के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके जरिए छात्राएं अपना भविष्य संवारने के साथ सुरक्षा भी कर सकेंगी। अन्य माध्यमिक विद्यालयों में भी जल्द यह प्रशिक्षण शुरू होगा। इसके साथ छात्राओं के लिए एंजिल के तहत विशेष पुलिस अफसर बनाने की भी योजना चल रही है, जिसके तहत उन्हें प्रोजेक्ट 1090 के तहत विशेष प्रशिक्षण देकर एक दिन के लिए जिले की जिम्मेदारी दी जाती है, ताकि वह अफसर बनने में निपुण हो सकें।
शिक्षामंत्री बोले, विभाग में हो रहा है अमूल-चूल परिवर्तन
माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ.दिनेश शर्मा का कहना है कि शिक्षा महकमे में अफसरों की कार्यशैली में बदलाव हो रहा है। कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि विभाग में अमूल-चूल परिवर्तन हो रहे हैं। सरकार बनने के करीब छह माह बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक को हटाने के सवाल पर सीधा जवाब देने के बजाए बोले, तमाम अधिकारी बदले गए हैं। कुछ को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ डीआईओएस एवं रजिस्ट्रार स्तर के कई अफसरों को निलंबित भी किया गया। एकदम से सभी अफसरों को हटाया या उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकती, क्योंकि काम भी उन्हीं से लेना है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि शिक्षा की गुणवत्ता में परिवर्तन हो।
परीक्षा कार्यक्रम अक्तूबर के अंत तक
शिक्षामंत्री ने बताया कि इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। परीक्षा कार्यक्रम अक्तूबर के अंत या नवंबर के प्रथम सप्ताह में घोषित कर दिया जाएगा। बताया कि स्व:केंद्र सिर्फ बालिकाओं के लिए होंगे। शहर में अगर 12वीं की परीक्षा में किसी कारणवश स्व:केंद्र बदलने की जरूरत पड़ी तो वह तीन किलोमीटर के दायरे में ही होगा।
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0 63वीं प्रदेशीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के उद्घाटन पर बोले उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
0 कहा, यूपी बोर्ड में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम जल्द, सीबीएसई-यूपी बोर्ड की शिक्षा में आएगी समानता
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
विद्यालयों में खेलकूद हों और इसके जरिए छात्र-छात्राएं देश-विदेश में नाम करें, यह आज की आवश्यकता है। प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है। विद्यालयों को खेलों से आवश्यक रूप से जोड़े जाने की जरूरत है। ये बातें सोमवार को मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में 63वीं प्रदेशीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने कही।
डॉ. शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड में नौवीं से 12वीं तक जल्द ही एनसीईआरटी पैटर्न लागू हो जाएगा। इसके जरिए सीबीएसई और यूपी बोर्ड की शिक्षा में समानता आएगी। इसी प्रकार माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे जब विद्यार्थी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेंगे तो उनके पास व्यावसायिक शिक्षा के जरिए कौशल विकास का भी अनुभव होगा।
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मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आज तेजी से परिवर्तन हो रहा है। पढ़ाई के लिए वर्ष में 220 दिन तय हैं। इसमें से दो सौ दिन पढ़ाई हो और 20 दिन ऐसे हों जिसमें विद्यार्थी शिक्षकों से आवश्यक चीजें जान और समझ सकें। सरकार का प्रयत्न है कि पाठ्यक्रम सरल हो उसमें राष्ट्रीयता का बोध हो। इसके साथ शारीरिक शिक्षा का समावेश हो। इसी के तहत फिजिकल एजूकेशन में योग को जोड़ा गया, ताकि विद्यार्थियों का शरीर स्वस्थ हो।
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छात्राओं को दिया जा रहा ताइक्वांडो का प्रशिक्षण
राजकीय विद्यालयों में छात्राओं के लिए ताइक्वांडो के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके जरिए छात्राएं अपना भविष्य संवारने के साथ सुरक्षा भी कर सकेंगी। अन्य माध्यमिक विद्यालयों में भी जल्द यह प्रशिक्षण शुरू होगा। इसके साथ छात्राओं के लिए एंजिल के तहत विशेष पुलिस अफसर बनाने की भी योजना चल रही है, जिसके तहत उन्हें प्रोजेक्ट 1090 के तहत विशेष प्रशिक्षण देकर एक दिन के लिए जिले की जिम्मेदारी दी जाती है, ताकि वह अफसर बनने में निपुण हो सकें।
शिक्षामंत्री बोले, विभाग में हो रहा है अमूल-चूल परिवर्तन
माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ.दिनेश शर्मा का कहना है कि शिक्षा महकमे में अफसरों की कार्यशैली में बदलाव हो रहा है। कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि विभाग में अमूल-चूल परिवर्तन हो रहे हैं। सरकार बनने के करीब छह माह बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक को हटाने के सवाल पर सीधा जवाब देने के बजाए बोले, तमाम अधिकारी बदले गए हैं। कुछ को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ डीआईओएस एवं रजिस्ट्रार स्तर के कई अफसरों को निलंबित भी किया गया। एकदम से सभी अफसरों को हटाया या उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकती, क्योंकि काम भी उन्हीं से लेना है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि शिक्षा की गुणवत्ता में परिवर्तन हो।
परीक्षा कार्यक्रम अक्तूबर के अंत तक
शिक्षामंत्री ने बताया कि इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। परीक्षा कार्यक्रम अक्तूबर के अंत या नवंबर के प्रथम सप्ताह में घोषित कर दिया जाएगा। बताया कि स्व:केंद्र सिर्फ बालिकाओं के लिए होंगे। शहर में अगर 12वीं की परीक्षा में किसी कारणवश स्व:केंद्र बदलने की जरूरत पड़ी तो वह तीन किलोमीटर के दायरे में ही होगा।