प्रयागराज : सात हजार करोड़ के 75 उद्योगों की होगी स्थापना, निवेश के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की तैयारी
प्रथम चरण में करीब सात हजार करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। प्रथम चरण में स्वीकृत उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि पूजन सितंबर के अंतिम सप्ताह में कराने की तैयारी तेज कर दी गई है।
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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत आए निवेश प्रस्तावों को अब धरातल पर उतारने का सपना साकार होने जा रहा है। 75 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन उद्योगों के लिए भूमि की तलाश पूरी कर ली गई है। सब कुछ ठीक रहा तो सितंबर के आखिरी हफ्ते में भूमि पूजन कराने के साथ ही नए उद्योगों की स्थापना का काम शुरू हो जाएगा।
प्रथम चरण में करीब सात हजार करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। प्रथम चरण में स्वीकृत उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि पूजन सितंबर के अंतिम सप्ताह में कराने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसके लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के तहत निवेश के लिए आगे आए उद्यमियों की हर जरूरतें पूरी करने के लिए मशक्कत की जा रही है। कई दौर की बैठकों के बाद करीब दस हजार करोड़ रुपये के निवेश वाली 83 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया था। लेकिन, इनमें से कुछ उद्यमी अभी असमंजस में हैं।
छंटनी के बाद सात हजार करोड़ रुपये के 75 उद्योगों की सूची फाइनल की गई है। जिन नए उद्योगों को लगाए जाने की सहमति बनी है उनमें दो सोलर पॉवर प्लांट भी शामिल हैं। सर्वाधिक 27 उद्योग एमएसएमई सेक्टर से हैं, जिन्हें लगाने की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इसी तरह पांच डेयरी उद्योग और पांच टूरिज्म और होटल इंडस्ट्रीज सेे संबंधित उद्योग शामिल हैं। विभागवार अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह निवेशकों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का निदान कराएं, ताकि भूमि पूजन में किसी तरह की बाधा न आने पाए।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जिले के लिए 60 हजार करोड़ रुपये के 351 औद्योगिक प्रस्ताव आए थे। इनमें शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में पांच सौ करोड़ रुपये के निवेश के लिए यूनाइटेड ग्रुप के अलावा कोरांव में पर्यटन और चिकित्सा क्षेत्र के लिए तीन सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव शामिल है।
75 उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। भूमि की उपलब्धता भी है। ऐसे में कोशिश है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में या अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में भूमि पूजन करा दिया जाए। - शरद टंडन, उपायुक्त उद्योग विभाग।