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ग्रुप डी कर्मियों को राहत, रेलवे ने बढ़ाया जोखिम भता
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:17 AM IST
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ग्रुप डी कर्मियों को राहत, रेलवे ने बढ़ाया जोखिम भत्ता
0 पैट्रोल-मैन, मेट, की-मैन आदि रेलकर्मियों को होगा फायदा
0 एनसीआर समेत सभी जोनल रेलवे को बोर्ड ने जारी किया पत्र
राहुल शर्मा
इलाहाबाद। पटरियों पर घंटों जान जोखिम में डालकर काम करने वाले रेलवे के ग्रुप डी कर्मियों के लिए राहत भरी खबर। रेलवे प्रशासन ने पटरियों के रखरखाव एवं मरम्मत कार्य से जुड़े की-मैन, मेट और पैट्रोल-मैन के जोखिम एवं कठिनाई भत्ता (रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस) बढ़ाने का निर्णय लिया है। उत्तर मध्य रेलवे जोन इलाहाबाद समेत सभी जोनल रेलवे को इस आशय का पत्र रेलवे बोर्ड की ओर से जारी भी कर दिया गया है।
बोर्ड की ओर से जारी आदेश में पीवे आर्टिजन (पटरियों की मरम्मत करने वाले कर्मचारी) को भी जोखिम भत्ते में शामिल किया गया है। उन्हें भी इस भत्ते का लाभ मिलेगा। बोर्ड के सर्कुलर में कहा गया है कि की-मैन और मेट को अब 2700 रुपये की बजाय 6000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से जोखिम एवं कठिनाई भत्ता दिया जाएगा। इसी तरह पेट्रोलिंग ड्यूटी करने वाले ट्रैकमैन को 2700 रुपये के स्थान पर 4100 रुपये का जोखिम एवं कठिनाई भत्ता मिलेगा। रेलवे ने ‘ए’ श्रेणी की लेवल क्रासिंगों पर तैनात गेटमैन को भी 1000 रुपये के बजाय 4100 रुपये का जोखिम एवं कठिनाई भत्ता दिए जाने की बात कही है। इसी क्रम में पीवे आर्टिजन और उनके हेल्पर जो अब तक जोखिम एवं कठिनाई भत्ता के दायरे से बाहर थे, उन्हें रेलवे ने भत्ते के तहत 2700 रुपये प्रतिमाह देने का आदेश जारी किया है। इस संबंध में नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाइज संघ (एनसीआरईएस) के महामंत्री आरपी सिंह का कहना है कि लंबे समय से यूनियन जोखिम एवं कठिनाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रही थी। बोर्ड ने यह मांग अब पूरी है। इससे देश के हजारों रेलकर्मियों को लाभ मिलेगा। संघ के मंडल उपाध्यक्ष आलोक सहगल ने कहा कि एनसीआर जीएम पीएनएम की बैठक में सेफ्टी कैटेगरी के सभी पदों पर जोखिम एवं कठिनाई भत्ता लागू करने की मांग की गई थी। रेलवे बोर्ड इसे भी अब पूरा करे।
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0 पैट्रोल-मैन, मेट, की-मैन आदि रेलकर्मियों को होगा फायदा
0 एनसीआर समेत सभी जोनल रेलवे को बोर्ड ने जारी किया पत्र
राहुल शर्मा
इलाहाबाद। पटरियों पर घंटों जान जोखिम में डालकर काम करने वाले रेलवे के ग्रुप डी कर्मियों के लिए राहत भरी खबर। रेलवे प्रशासन ने पटरियों के रखरखाव एवं मरम्मत कार्य से जुड़े की-मैन, मेट और पैट्रोल-मैन के जोखिम एवं कठिनाई भत्ता (रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस) बढ़ाने का निर्णय लिया है। उत्तर मध्य रेलवे जोन इलाहाबाद समेत सभी जोनल रेलवे को इस आशय का पत्र रेलवे बोर्ड की ओर से जारी भी कर दिया गया है।
बोर्ड की ओर से जारी आदेश में पीवे आर्टिजन (पटरियों की मरम्मत करने वाले कर्मचारी) को भी जोखिम भत्ते में शामिल किया गया है। उन्हें भी इस भत्ते का लाभ मिलेगा। बोर्ड के सर्कुलर में कहा गया है कि की-मैन और मेट को अब 2700 रुपये की बजाय 6000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से जोखिम एवं कठिनाई भत्ता दिया जाएगा। इसी तरह पेट्रोलिंग ड्यूटी करने वाले ट्रैकमैन को 2700 रुपये के स्थान पर 4100 रुपये का जोखिम एवं कठिनाई भत्ता मिलेगा। रेलवे ने ‘ए’ श्रेणी की लेवल क्रासिंगों पर तैनात गेटमैन को भी 1000 रुपये के बजाय 4100 रुपये का जोखिम एवं कठिनाई भत्ता दिए जाने की बात कही है। इसी क्रम में पीवे आर्टिजन और उनके हेल्पर जो अब तक जोखिम एवं कठिनाई भत्ता के दायरे से बाहर थे, उन्हें रेलवे ने भत्ते के तहत 2700 रुपये प्रतिमाह देने का आदेश जारी किया है। इस संबंध में नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाइज संघ (एनसीआरईएस) के महामंत्री आरपी सिंह का कहना है कि लंबे समय से यूनियन जोखिम एवं कठिनाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रही थी। बोर्ड ने यह मांग अब पूरी है। इससे देश के हजारों रेलकर्मियों को लाभ मिलेगा। संघ के मंडल उपाध्यक्ष आलोक सहगल ने कहा कि एनसीआर जीएम पीएनएम की बैठक में सेफ्टी कैटेगरी के सभी पदों पर जोखिम एवं कठिनाई भत्ता लागू करने की मांग की गई थी। रेलवे बोर्ड इसे भी अब पूरा करे।
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