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ग्रहीय संयोग नहीं कुंभ पर्व की कहानी दिखाएगा प्लेनेटेरियम
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:53 AM IST
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ग्रहीय संयोग नहीं कुंभपर्व की
कहानी दिखाएगा प्लेनेटेरियम
0 निदेशक ने कहा, अबकी तो अर्द्धकुंभ, नहीं बनेगा कुंभपर्व संयोग
0 बारहवें वर्ष ही बृहस्पति का वृष राशि से संचरण का ग्रहीय संयोग
अनिल सिद्धार्थ
इलाहाबाद। कुंभपर्व को यादगार बनाने के लिए तकरीबन सभी विभागों की ओर से बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। जवाहर प्लेनेटेरियम ने भी खास योजनाएं बनाई हैं। इसके बावजूद पल-पल की खगोलीय घटनाओं, परिघटनाओं को दिखाने वाला जवाहर प्लेनेटेरियम कुंभपर्व की खगोलीय घटनाओं को नहीं दिखा सकेगा। जीवंत प्रसारण के स्थान पर प्लेनेटेरियम उन ग्रहीय संयोगों को दिखाएगा, जिसके अनुसार कुंभ पर्व लगता है।
दरअसल अबकी वर्ष 2019 में जिस कुंभ मेले की जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं, वह कुंभपर्व है ही नहीं बल्कि अर्द्धकुंभ है। अर्द्धकुंभ होने के कारण खगोलीय दुनिया में ‘कुंभ पर्व’ के ग्रहीय संयोग नहीं बनेंगे। ऐसे में प्लेनेटेरियम के लिए कुंभ पर्व के संयोगों को जीवंत प्रसारण के रूप में नहीं बल्कि कहानी के रूप में ‘रिकार्डेड’ दिखाना ही संभव हो सकेगा।
जवाहर प्लेनेटेरियम के निदेशक डॉ.रविकिरन कहते हैं, बीते कुंभ के दौरान प्लेनेटेरियम ने कुंभ पर्व के ग्रहीय संयोगों को दिखाया था, पर अबकी जब कुंभ पर्व है ही नहीं, तो नक्षत्राकाश में बृहस्पति का वृष राशि से संचरण का ग्रहीय संयोग भी नहीं दिखेगा। ऐसे में जीवंत प्रसारण नहीं बल्कि एनीमेशन के माध्यम से ही कुंभ पर्व के ग्रहीय संयोगों को समझा पाना संभव होगा।
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0 बीस मिनट के शो में मिलेगी जानकारी
फिलहाल कुंभ पर्व के दौरान कुंभ की जानकारी देने के लिए बीस-बीस मिनट के शो तैयार किए जा रहे हैं। इसमें उस समय के आकाश के आधार के साथ समुद्र मंथन और अमृत कुंभ से बूंदें छलकने की घटनाओं के साथ कुंभ पर्व के घटित होने की कहानी दिखाई जाएगी। इसके लिए मुंबई के नेहरू प्लेनेटेरियम की मदद ली गई है। कुंभ के दौरान सामान्य शो स्थगित रहेंगे, प्रवेश शुल्क भी घटाया जाएगा।
0 बृहस्पति के संचरण से बनेगा कुंभ योग
पौराणिक विवरणों के अनुसार देव-दानवों के बीच अमृत कलश को लेकर संघर्ष में अमृत की बूंदें प्रयाग, नासिक, उज्जैन, हरिद्वार में छलकी थीं, जिससे इन स्थानों पर कुंभ पर्व लगता है। वहीं खगोलीय और ज्योतिषीय गणना के मुताबिक जब प्रयाग में माघ मास की अमावस्या को बृहस्पति का वृष राशि से संचरण होता है, तब कुंभ महापर्व लगता है। ऐसी ग्रहीय स्थिति प्रत्येक बारहवें वर्ष ही बनती है।
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कहानी दिखाएगा प्लेनेटेरियम
0 निदेशक ने कहा, अबकी तो अर्द्धकुंभ, नहीं बनेगा कुंभपर्व संयोग
0 बारहवें वर्ष ही बृहस्पति का वृष राशि से संचरण का ग्रहीय संयोग
अनिल सिद्धार्थ
इलाहाबाद। कुंभपर्व को यादगार बनाने के लिए तकरीबन सभी विभागों की ओर से बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। जवाहर प्लेनेटेरियम ने भी खास योजनाएं बनाई हैं। इसके बावजूद पल-पल की खगोलीय घटनाओं, परिघटनाओं को दिखाने वाला जवाहर प्लेनेटेरियम कुंभपर्व की खगोलीय घटनाओं को नहीं दिखा सकेगा। जीवंत प्रसारण के स्थान पर प्लेनेटेरियम उन ग्रहीय संयोगों को दिखाएगा, जिसके अनुसार कुंभ पर्व लगता है।
दरअसल अबकी वर्ष 2019 में जिस कुंभ मेले की जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं, वह कुंभपर्व है ही नहीं बल्कि अर्द्धकुंभ है। अर्द्धकुंभ होने के कारण खगोलीय दुनिया में ‘कुंभ पर्व’ के ग्रहीय संयोग नहीं बनेंगे। ऐसे में प्लेनेटेरियम के लिए कुंभ पर्व के संयोगों को जीवंत प्रसारण के रूप में नहीं बल्कि कहानी के रूप में ‘रिकार्डेड’ दिखाना ही संभव हो सकेगा।
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जवाहर प्लेनेटेरियम के निदेशक डॉ.रविकिरन कहते हैं, बीते कुंभ के दौरान प्लेनेटेरियम ने कुंभ पर्व के ग्रहीय संयोगों को दिखाया था, पर अबकी जब कुंभ पर्व है ही नहीं, तो नक्षत्राकाश में बृहस्पति का वृष राशि से संचरण का ग्रहीय संयोग भी नहीं दिखेगा। ऐसे में जीवंत प्रसारण नहीं बल्कि एनीमेशन के माध्यम से ही कुंभ पर्व के ग्रहीय संयोगों को समझा पाना संभव होगा।
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0 बीस मिनट के शो में मिलेगी जानकारी
फिलहाल कुंभ पर्व के दौरान कुंभ की जानकारी देने के लिए बीस-बीस मिनट के शो तैयार किए जा रहे हैं। इसमें उस समय के आकाश के आधार के साथ समुद्र मंथन और अमृत कुंभ से बूंदें छलकने की घटनाओं के साथ कुंभ पर्व के घटित होने की कहानी दिखाई जाएगी। इसके लिए मुंबई के नेहरू प्लेनेटेरियम की मदद ली गई है। कुंभ के दौरान सामान्य शो स्थगित रहेंगे, प्रवेश शुल्क भी घटाया जाएगा।
0 बृहस्पति के संचरण से बनेगा कुंभ योग
पौराणिक विवरणों के अनुसार देव-दानवों के बीच अमृत कलश को लेकर संघर्ष में अमृत की बूंदें प्रयाग, नासिक, उज्जैन, हरिद्वार में छलकी थीं, जिससे इन स्थानों पर कुंभ पर्व लगता है। वहीं खगोलीय और ज्योतिषीय गणना के मुताबिक जब प्रयाग में माघ मास की अमावस्या को बृहस्पति का वृष राशि से संचरण होता है, तब कुंभ महापर्व लगता है। ऐसी ग्रहीय स्थिति प्रत्येक बारहवें वर्ष ही बनती है।