Health : डायबिटिक केयर ग्रुप से 70 फीसदी मरीजों की शुगर नियंत्रित, कई लोगों की इंसुलिन भी हुई बंद
कैंटोनमेंट बोर्ड छावनी सामान्य अस्पताल में मधुमेह के मरीजों की शुगर नियंत्रित करने में डायबिटिक केयर ग्रुप महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दावा है कि पहल से करीब 70 फीसदी मरीजों की शुगर लंबे समय से नियंत्रित है।
विस्तार
कैंटोनमेंट बोर्ड छावनी सामान्य अस्पताल में मधुमेह के मरीजों की शुगर नियंत्रित करने में डायबिटिक केयर ग्रुप महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दावा है कि पहल से करीब 70 फीसदी मरीजों की शुगर लंबे समय से नियंत्रित है। इनमें से 20 फीसदी मरीजों की इंसुलिन भी बंद हो गई है। अस्पताल ने मधुमेह के मरीजों के लिए डायबिटिक केयर और शुगर वेलनेस नाम से दो समूह बनाए हैं। प्रत्येक समूह में 250 मरीज शामिल हैं, जिससे कुल 500 मरीजों को लाभ मिल रहा है। इन समूहों में हृदय रोग, मधुमेह रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन और डायटीशियन जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं।
मरीजों को निशुल्क ग्लूकोमीटर प्रदान किए गए हैं। वे नियमित रूप से अपनी शुगर रिपोर्ट समूह में साझा करते हैं। इसके आधार पर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श और आहार संबंधी सलाह मिलती है। मरीजों का आपसी तालमेल भी शुगर नियंत्रण में सहायक सिद्ध हो रहा है। इस व्यवस्था से मरीजों को महीने में केवल एक बार अस्पताल आना पड़ता है।
समूह की कार्यप्रणाली
डायबिटिक केयर और शुगर वेलनेस समूह मधुमेह प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। मरीजों को निशुल्क ग्लूकोमीटर दिए गए हैं, ताकि वे घर पर ही अपनी शुगर जांच सकें। उन्हें रिपोर्ट नियमित रूप से समूह में साझा करनी होती है। विशेषज्ञ चिकित्सक और डायटीशियन इन रिपोर्ट की समीक्षा करते हैं।
मरीजों को मिलने वाले लाभ
इन समूहों के माध्यम से करीब 70 फीसदी मरीजों की शुगर लंबे समय से नियंत्रित है। विशेष रूप से 20 फीसदी मरीजों की इंसुलिन की आवश्यकता समाप्त हो गई है। समूह में दवा लिखना प्रतिबंधित होने से मरीजों को महीने में एक बार अस्पताल आना होता है।
ग्रुप के जरिये डायबिटीज को घर बैठे बेहतर इलाज मिल रहा है। उनकी 80 फीसदी समस्याओं का समाधान ग्रुप पर हो जाता है। इसके अलावा मरीजों की डाइट पर भी अस्पताल का विशेष फोकस रहता है। - डॉ.वैशाली सिंह, प्रमुख अधीक्षक, छावनी सामान्य अस्पताल