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69000 शिक्षक भर्ती मामले सुनवाई 28 मई को
Sun, 24 May 2020 12:40 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 24 May 2020 12:40 AM IST
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teacher
- फोटो : social media
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ प्रदेश के सहायक शिक्षक के 69000 पदों पर भर्ती मामले में उत्तर कुंजी पर आपत्तियों से संबंधित विवाद को लेकर दायर याचिका में पेश की गई चयन प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने की अर्जी पर 28 मई को सुनवाई करेगी। कोर्ट ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा बोर्ड समेत दो पक्षकारों को चार विवादित प्रश्नों के संबंध में 27 मई तक हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया है।
न्यायामूर्ति मनीष माथुर ने शुक्रवार को चेंबर में यह आदेश रिषभ मिश्र व दो अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल एक नई याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह पेश हुए, जबकि याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एलपी मिश्र ने पक्ष रखा। कोरोना की वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामले की सुनवाई हुई।
इस मामले मे तीन अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर विवादित उत्तरों के संबंध में समिति का गठन कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर पुनर्मूल्यांकन की मांग की है। साथ ही अंतरिम राहत के तौर पर चयन प्रक्रिया पर रोक लगाने की गुजारिश की है। याचियों के अधिवक्ता अमित सिंह भदौरिया केे मुताबिक 8 मई 2020 को जारी उत्तर कुंजी में चार उत्तरों को लेकर अभ्यर्थियों को आपत्ति हैै।
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आपत्ति के संबंध में अभ्यर्थियों ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष भी अपना पक्ष रखा, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इस मामले में पहले कोर्ट ने राज्य सरकार व दो अन्य पक्षकारों को संक्षिप्त जवाबी हलफनामा पेश करने को समय देकर अगली सुनवाई 22 मई को नियत की थी। इस पर पक्षकारों के वकीलों ने शुक्रवार को कोर्ट को बताया कि जवाबी हलफनामा तैयार है।
इस पर याचियों के अधिवक्ता ने यह कहते हुए विरोध किया कि जिन सवालों पर विवाद है उनको संक्षिप्त जवाबी हलफनामे में वर्णित नहीं किया गया है। अदालत ने इन विवादित सवालों के संबंध में ली गई विशेषज्ञों की राय के साथ 27 मई तक हलफनामा पेश करने के निर्देश दोनों पक्षकारों को दिए हैं। इस हलफनामे पर याची 28 मई के पहले अपना पक्ष दाखिल कर सकेंगे। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा कि शिक्षकों की चयन प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने या अन्यथा की अंतरिम राहत की अर्जी पर 28 मई को विचार किया जा सकता है।
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न्यायामूर्ति मनीष माथुर ने शुक्रवार को चेंबर में यह आदेश रिषभ मिश्र व दो अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल एक नई याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह पेश हुए, जबकि याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एलपी मिश्र ने पक्ष रखा। कोरोना की वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामले की सुनवाई हुई।
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इस मामले मे तीन अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर विवादित उत्तरों के संबंध में समिति का गठन कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर पुनर्मूल्यांकन की मांग की है। साथ ही अंतरिम राहत के तौर पर चयन प्रक्रिया पर रोक लगाने की गुजारिश की है। याचियों के अधिवक्ता अमित सिंह भदौरिया केे मुताबिक 8 मई 2020 को जारी उत्तर कुंजी में चार उत्तरों को लेकर अभ्यर्थियों को आपत्ति हैै।
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आपत्ति के संबंध में अभ्यर्थियों ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष भी अपना पक्ष रखा, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इस मामले में पहले कोर्ट ने राज्य सरकार व दो अन्य पक्षकारों को संक्षिप्त जवाबी हलफनामा पेश करने को समय देकर अगली सुनवाई 22 मई को नियत की थी। इस पर पक्षकारों के वकीलों ने शुक्रवार को कोर्ट को बताया कि जवाबी हलफनामा तैयार है।
इस पर याचियों के अधिवक्ता ने यह कहते हुए विरोध किया कि जिन सवालों पर विवाद है उनको संक्षिप्त जवाबी हलफनामे में वर्णित नहीं किया गया है। अदालत ने इन विवादित सवालों के संबंध में ली गई विशेषज्ञों की राय के साथ 27 मई तक हलफनामा पेश करने के निर्देश दोनों पक्षकारों को दिए हैं। इस हलफनामे पर याची 28 मई के पहले अपना पक्ष दाखिल कर सकेंगे। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा कि शिक्षकों की चयन प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने या अन्यथा की अंतरिम राहत की अर्जी पर 28 मई को विचार किया जा सकता है।