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69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती : अधिक अंक वाले को वरीयता का जिला न देने पर जवाब तलब
Fri, 29 Jan 2021 08:03 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 29 Jan 2021 08:03 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित अभ्यर्थी को वरीयता का जिला आवंटित न करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से जवाब तलब किया। कोर्ट ने कहा कि याची को आवंटित किया जिला और विद्यालय इस याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा। रायबरेली की संघमित्रा की याचिका पर न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची को सहायक अध्यापक भर्ती में एससी कोटे में 70.63 गुणांक प्राप्त हुए। उसने प्रथम वरीयता रायबरेली दी थी। मगर उसे आठवीं वरीयता वाले सीतापुर जिले में नियुक्ति दी गई है। जबकि उससे कम अंक पाने वाले 267 अभ्यर्थियों को रायबरेली जिला दिया गया है।
अधिवक्ता का कहना था कि नियमानुसार गुणांक और वरीयता के आधार पर जिले का आवंटन किया जाता है। मगर याची के मामले में इस नियम का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से 15 मार्च 21 तक इस मामले में जवाब मांगा है।
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याची के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि उसे 61.0055 गुणांक प्राप्त हुए हैं। उसका चयन नहीं किया गया जबकि 61.0043, 61.0049 और 61.0048 गुणांक पाने वाले तीन अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया गया है। तीनों चयनित अभ्यर्थी याची की कटेगरी के ही हैं। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद को इस मामले में तीन फरवरी तक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची को सहायक अध्यापक भर्ती में एससी कोटे में 70.63 गुणांक प्राप्त हुए। उसने प्रथम वरीयता रायबरेली दी थी। मगर उसे आठवीं वरीयता वाले सीतापुर जिले में नियुक्ति दी गई है। जबकि उससे कम अंक पाने वाले 267 अभ्यर्थियों को रायबरेली जिला दिया गया है।
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अधिवक्ता का कहना था कि नियमानुसार गुणांक और वरीयता के आधार पर जिले का आवंटन किया जाता है। मगर याची के मामले में इस नियम का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से 15 मार्च 21 तक इस मामले में जवाब मांगा है।
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कम गुणांक वालों के चयन पर जवाब तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में कम गुणांक वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लेने और अधिक गुणांक वाले को चयनित नहीं करने पर प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि चयनित हुए कम गुणांक वाले अभ्यर्थियों की भी जानकारी कोर्ट में उपलब्ध कराई जाए। अर्चना सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने दिया है।याची के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि उसे 61.0055 गुणांक प्राप्त हुए हैं। उसका चयन नहीं किया गया जबकि 61.0043, 61.0049 और 61.0048 गुणांक पाने वाले तीन अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया गया है। तीनों चयनित अभ्यर्थी याची की कटेगरी के ही हैं। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद को इस मामले में तीन फरवरी तक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।