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68500 सहायक अध्यापक भर्ती : जिला आवंटन के मामले में अवमानना कार्यवाही पर रोक
Fri, 15 Jan 2021 07:51 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 15 Jan 2021 07:51 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती में जिला आवंटन को लेकर दाखिल अवमानना याचिकाओं पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई स्थगित रखने का आदेश दिया है। जिला आवंटन में अनियमितता को लेकर विशेष अपील दाखिल की गई है। खंडपीठ ने अपील तय होने तक अवमानना याचिकाओं की सुनवाई रोकने का निर्देश दिया है। सुनवाई 21 जनवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति एमएन भंडारी तथा न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल की खंडपीठ ने अमित शेखर भारद्वाज की विशेष अपील पर दिया है।
अपील पर वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा ने बहस की। इनका कहना है कि 41 हजार अभ्यर्थियों को चयनित कर परिणाम घोषित किया गया। जिसमें से 35 हजार सफल अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर उनकी वरीयता का जिला आवंटित कर दिया गया। शेष छह हजार को बाद में जिला आवंटित किया गया। कई ऐसे लोगों को पसंद का जिला दे दिया गया जो मेरिट में कम थे।
मेरिट वालों को पसंद के जिले में सीट उपलब्ध न होने के कारण दूसरे जिले में जाना पड़ा था। कोर्ट ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों (जिन्हें मेरिट के नाते सामान्य वर्ग में शामिल किया गया है) को मेरिट पर जिला आवंटित करने का आदेश दिया है। इन्हीं मुद्दों को विशेष अपील में उठाया गया है। जिसकी सुनवाई जारी है। उधर अवमानना याचिकाओं की सुनवाई के कारण आदेश के पालन का दबाव पड़ रहा था तो कोर्ट ने अवमानना कार्यवाही स्थगित रखने का आदेश दिया है।
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अपील पर वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा ने बहस की। इनका कहना है कि 41 हजार अभ्यर्थियों को चयनित कर परिणाम घोषित किया गया। जिसमें से 35 हजार सफल अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर उनकी वरीयता का जिला आवंटित कर दिया गया। शेष छह हजार को बाद में जिला आवंटित किया गया। कई ऐसे लोगों को पसंद का जिला दे दिया गया जो मेरिट में कम थे।
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मेरिट वालों को पसंद के जिले में सीट उपलब्ध न होने के कारण दूसरे जिले में जाना पड़ा था। कोर्ट ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों (जिन्हें मेरिट के नाते सामान्य वर्ग में शामिल किया गया है) को मेरिट पर जिला आवंटित करने का आदेश दिया है। इन्हीं मुद्दों को विशेष अपील में उठाया गया है। जिसकी सुनवाई जारी है। उधर अवमानना याचिकाओं की सुनवाई के कारण आदेश के पालन का दबाव पड़ रहा था तो कोर्ट ने अवमानना कार्यवाही स्थगित रखने का आदेश दिया है।
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