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बच्चों को एमआर टीका लगवाएं, जानलेवा बीमारी से बचाएं
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:15 AM IST
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जिले में अब तक मिजिल्स रूबेला अभियान के तहत ढाई लाख से अधिक बच्चों का टीकाकरण कराया जा चुका है। दस दिसंबर से शुरू इस अभियान के तहत बच्चों और उनके अभिभावकों को जागरूक भी किया जा रहा है। पांचवें दिन सोमवार को भी अभियान जारी रहा।
सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने बताया कि मिजिल्स रूबेला (एमआर) टीकाकरण पूर्ण रूप से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि बच्चों का टीकाकरण कराकर उन्हें जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान के दौरान बच्चे इंजेक्शन लगने के भय (इंजेक्शन फोबिया) के चलते रोने लगते हैं। इसी डर के चलते वह अपने को बीमार या कमजोर महसूस करने लगते हैं। बच्चों के भय को दूर करने के लिए स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि टीका लगने के दौरान अभिभावक भी मौजूद रहें, ताकि बच्चे घबराएं नहीं। अभियान में जुटीं टीमें भी एहतियात बरतें कि यदि किसी बच्चे को गंभीर बीमारी या बुखार है तो उसे टीका इलाज के बाद लगाने की व्यवस्था की जाए।
सीएमओ डॉ. बाजपेयी ने बताया कि नौ माह से 15 साल तक के बच्चों को लगने वाला एमआर टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है। कभी-कभी कुछ एक बच्चों को टीकाकरण के बाद हल्का बुखार, घबराहट या चक्कर आ सकता है। यह बहुत ही सामान्य मामला है, इससे घबराने की जरूरत नहीं है।टीमों को निर्देशित किया गया है कि खाली पेट बच्चों को टीका न लगाएं। अभिभावकों को बताया गया है कि बच्चों को नाश्ता कराकर ही स्कूल भेजें ।
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सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने बताया कि मिजिल्स रूबेला (एमआर) टीकाकरण पूर्ण रूप से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि बच्चों का टीकाकरण कराकर उन्हें जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान के दौरान बच्चे इंजेक्शन लगने के भय (इंजेक्शन फोबिया) के चलते रोने लगते हैं। इसी डर के चलते वह अपने को बीमार या कमजोर महसूस करने लगते हैं। बच्चों के भय को दूर करने के लिए स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि टीका लगने के दौरान अभिभावक भी मौजूद रहें, ताकि बच्चे घबराएं नहीं। अभियान में जुटीं टीमें भी एहतियात बरतें कि यदि किसी बच्चे को गंभीर बीमारी या बुखार है तो उसे टीका इलाज के बाद लगाने की व्यवस्था की जाए।
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सीएमओ डॉ. बाजपेयी ने बताया कि नौ माह से 15 साल तक के बच्चों को लगने वाला एमआर टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है। कभी-कभी कुछ एक बच्चों को टीकाकरण के बाद हल्का बुखार, घबराहट या चक्कर आ सकता है। यह बहुत ही सामान्य मामला है, इससे घबराने की जरूरत नहीं है।टीमों को निर्देशित किया गया है कि खाली पेट बच्चों को टीका न लगाएं। अभिभावकों को बताया गया है कि बच्चों को नाश्ता कराकर ही स्कूल भेजें ।
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