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Prayagraj News: मेजा में 62 दिन से 55 एकड़ धान की फसल डूबी
Sat, 10 Oct 2026 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 10 Oct 2026 02:16 AM IST
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मेजा के अमिलिया कला नहवाई में बारिश के पानी से डूबी धान की फसल। संवाद
अमिलिया कला (नहवाई) में 62 दिन से 55 एकड़ धान की फसल पानी में डूबी हुई है। बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था न होने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
किसानों की गेहूं की बुवाई भी प्रभावित होनी तय है। पिछले वर्ष भी बारिश का पानी न निकल पाने से किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए थे। सात अगस्त को हुई बारिश से अमिलिया कला में धान की फसल पूरी तरह डूब गई थी। शिकायत के बाद भी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी। फसल नष्ट हो गई और समस्या जस की तस बनी हुई है।
किसान विमलेश पाण्डेय ने बताया कि दो वर्ष से गेहूं की बुवाई नहीं हो पा रही है। दिलीप शुक्ला के अनुसार, पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से हर वर्ष धान डूबता है।
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विन्ध्यवासिनी प्रसाद पांडेय ने बताया कि उनकी व्यक्तिगत कुल 20 बीघे धान की फसल डूबी है। बारिश के पानी से दो वर्ष से धान की फसल डूब रही है। गेहूं की बुवाई भी प्रभावित होती है। शिकायत के बाद भी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। गोसौरा खुर्द में भी धान की फसल डूबी हुई है।
एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि पानी निकासी की व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही कुछ न कुछ व्यवस्था तय की जाएगी।
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किसानों की गेहूं की बुवाई भी प्रभावित होनी तय है। पिछले वर्ष भी बारिश का पानी न निकल पाने से किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए थे। सात अगस्त को हुई बारिश से अमिलिया कला में धान की फसल पूरी तरह डूब गई थी। शिकायत के बाद भी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी। फसल नष्ट हो गई और समस्या जस की तस बनी हुई है।
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किसान विमलेश पाण्डेय ने बताया कि दो वर्ष से गेहूं की बुवाई नहीं हो पा रही है। दिलीप शुक्ला के अनुसार, पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से हर वर्ष धान डूबता है।
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विन्ध्यवासिनी प्रसाद पांडेय ने बताया कि उनकी व्यक्तिगत कुल 20 बीघे धान की फसल डूबी है। बारिश के पानी से दो वर्ष से धान की फसल डूब रही है। गेहूं की बुवाई भी प्रभावित होती है। शिकायत के बाद भी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। गोसौरा खुर्द में भी धान की फसल डूबी हुई है।
एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि पानी निकासी की व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही कुछ न कुछ व्यवस्था तय की जाएगी।